Indian Railway Ticketing System : भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने टिकटिंग सिस्टम को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। भारतीय रेलवे अब पूरे रेल सिस्टम को डिजिटल करने जा रहा है, ताकि दलालों द्वारा बेचे जाने वाले फर्जी टिकटों पर रोक लगाई जा सके।
रेलवे बंद करेगा प्रिंटिग प्रेस
इसके लिए रेलवे बोर्ड की तरफ से सभी जोनल रेलवे महाप्रबंधकों को एक सर्कुलर जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक मुंबई में भायखला, हावड़ा, दिल्ली में शकूरबस्ती, चेन्नई में रोयापुर और सिकंदराबाद में मौजूद रेलवे की 5 प्रिंटिंग प्रेस को बंद कर दिया जाएगा।
निजी प्रेस होगी आउटसोर्सिंग
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार रेल के टिकट और रसीदों के लिए निजी प्रेसों से आउटसोर्सिंग की जाएगी। दरअसल टिकट सिस्टम अगर डिजिटल होता है तो इससे जाली रेल टिकट और इन्हें बनाने वालों पर नकेल कसेगी। इसके बाद दलालों के लिए रेलवे और रेल यात्रियों के साथ फ्रॉड करना बंद हो जाएगा।
क्या छपता है प्रिंटिंग प्रेस में
जो प्रेस रेलवे बंद करने जा रहा है, उनमें केवल 5 फीसदी टिकट छापे जा रहे हैं। बाकी 95% रेलवे टिकटों की छपाई अन्य प्रिंटिंग प्रेस में की जाती है। दूसरी बात यह भी है कि रेलवे की प्रिंटिंग प्रेस में टिकटों की छपाई का खर्च अधिक आता है। जबकि निजी प्रेस में ये काम कम खर्च में हो जाता है।
क्या होगी मशीनरी का
जो प्रिंटिंग प्रेस बंद होने जा रही हैं, उनमें जो कर्मचारी इस समय काम कर रहे हैं उन्हें रेलवे दूसरी चीजों में तैनात करेगा। प्रिंटिंग प्रेस को बंद करने पर फैसला 4 साल पहले 2019 में ही हो गया था। पर अब जाकर इस फैसले को लागू किया जाएगा।
रेल टिकट और बाकी डॉक्यूमेंट्स की छपाई आईबीएस और आरबीआई की अथॉराइज्ड प्रिंटिंग प्रेस में की जाएगी। एचटी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 81 फीसदी यात्री इस समय टिकट बुकिंग ऑनलाइन करते हैं। बाकी केवल 19 फीसदी ही काउंटरों से टिकट खरीदते हैं।
