Pradhan Mantri Awas Yojana Gramin (PMAY): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर गरीब के सिर पर छत की जो मुहिम शुरू की है, उसे बड़ी सफलता मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत केंद्र सरकार से सीएम योगी ने 8 लाख से अधिक घरों की मांग की थी, जिसे मंगलवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। मंत्रालय ने इन आवासों के निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत कर ली है। इसका सीधा मतलब ये है कि अब प्रदेश के अतिरिक्त 8 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ मिल सकेगा। यहीं नहीं यह आवास मार्च 2024 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और ग्रामीण विकास मंत्रालय का आभार प्रकट किया है। मालूम हो कि प्रदेश में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 27 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। आठ लाख से अधिक नये आवासों की स्वीकृति मिलते ही उत्तर प्रदेश देश में ऐसा राज्य हो गया है जहां सबसे ज्यादा 35 लाख से अधिक आवास ग्रामीण इलाके में बनेंगे।
'सबको घर-पक्का घर' हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की प्रतिबद्धता सर्वविदित है।इसी क्रम में प्रधान… t.co/HQNJEvkOf4
— ANI (@ANI) Nov 22, 2022
केंद्र सरकार ने आवास के लिए जारी किए दस हजार करोड़ (PMAYG extra budget for UP)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के गरीबों के लिए काफी चिंतित रहते हैं। उनकी यह चिंता समय-समय पर उनके संबोधन में झलकती भी है। उसी की एक बानगी है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 8,62,767 नये आवास की मांग की थी। उनका यह प्रयास रंग लाया और केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सीएम योगी की मांग पर मुहर लगाते हुए 8,62,767 नये आवास को स्वीकृत करते हुए 10 हजार करोड़ की धनराशि जारी कर दी है। सभी आवास मार्च 2024 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। ऐसे में पूरे देश में उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य होगा जहां ग्रामीण इलाके में सबसे ज्यादा 35 लाख से अधिक आवास बनाए गए।
किसे मिलता है पीएम आवास योजना का लाभ (PMAYG Benefits)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पिछले साढ़े पांच साल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 27 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। इनमें से 26 लाख आवास लाभार्थियों को सौंपे भी जा चुके हैं। शेष पर कार्यवाही चल रही है। मालूम हो कि पूरे देश में कुल 2.95 करोड़ प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अकेले यूपी में 35 लाख आवास बनेंगे। 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आंकड़ों के आधार पर लाभार्थी का चुनाव होता है।
लिस्ट में ऐसे चेक करें अपना नाम (PMAY-G List)
- सबसे पहले आपको PMAYG साइट की वेबसाइट https://rhreporting.nic.in/netiay/Benificiary.aspx पर जाना है।
- इसके बाद मेन्यू में दिए गए ‘Stakeholders’ के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
- यहां आपको ‘Beneficiary’ के विकल्प पर जाकर अपना नंबर दर्ज करना होगा।
- इसके अलावा आप एडवांस सर्च से भी बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के नाम चेक कर सकते हैं।
ग्रामीण के जरिए गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के लिए 1 अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) शुरू की गई थी। गरीबी रेखा से नीचे रह रहे ग्रामीण लोगों को घर उपलब्ध कराने के मकसद से योजना शुरू की गई थी।
