वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘वन नेशन, वन KYC’ सिस्टम को लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा एकीकृत KYC (Know Your Customer) सिस्टम होना चाहिए, जिससे लोगों को अलग-अलग वित्तीय सेवाओं के लिए बार-बार KYC प्रक्रिया पूरी न करनी पड़े। यह कदम डिजिटल और आसान वित्तीय सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब एक ही KYC से होंगे सभी काम! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बड़ा बयान
सेबी को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
वित्त मंत्री ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से इस पहल का नेतृत्व करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सेबी के पास निवेशकों की बड़ी भागीदारी, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विश्वसनीयता है, जिससे वह इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है। यह बयान सेबी के 38वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान दिया गया।
बार-बार KYC से हो रही परेशानी
वर्तमान में बैंक, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, बीमा और पेंशन जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग KYC करना पड़ता है। इससे यूजर्स को काफी असुविधा होती है और समय भी अधिक लगता है। सरकार लंबे समय से एक यूनिफाइड KYC सिस्टम पर काम कर रही है, लेकिन यह अभी पूरी तरह लागू नहीं हो पाया है। सेबी ने इस दिशा में कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन अन्य नियामक संस्थाएं अभी पीछे हैं।
डिजिटल और सुरक्षित सिस्टम पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि देश को एक ऐसा KYC सिस्टम चाहिए जो सुगम, सुरक्षित और पोर्टेबल यानी हर जगह मान्य हो। उन्होंने KYC प्रक्रिया को सरल बनाने और डिजिटलाइजेशन पर भी जोर दिया, ताकि निवेशकों और आम नागरिकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
अब एक ही KYC से होंगे सभी काम! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया बड़ा बयान
सरकार का मानना है कि ‘वन नेशन, वन KYC’ को सफल बनाने के लिए सभी नियामक संस्थाओं और हितधारकों को मिलकर काम करना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि इस दिशा में तेजी से कदम उठाए जाएं, ताकि किसी भी नागरिक को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बार-बार KYC न करना पड़े।
