NPS Vatsalya: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नाबालिगों के लिए NPS वात्सल्य योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत माता-पिता अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं। NPS वात्सल्य योजना के साथ ही वित्त मंत्री ने NPS वात्सल्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की है। साथ ही योजना में इन्वेस्ट करने वाले नाबालिगों को परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) कार्ड भी वितरित किये गए हैं। माता-पिता सालाना 1000 रुपये जमा करके भी इस योजना में इन्वेस्टमेंट की शुरुआत कर सकते हैं।
वित्त मंत्री ने नाबालिगों को दिया तोहफा, जानें NPS वात्सल्य योजना के नियम
NPS वात्सल्य योजना के फायदे
NPS वात्सल्य योजना, पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा मैनेज की जायेगी। 18 साल से कम उम्र वाला देश का कोई भी नाबालिग इस योजना में इन्वेस्ट कर सकता है। इस योजना के तहत नाबालिग के नाम पर अकाउंट खोला जाएगा और यह अकाउंट गार्डियन द्वारा मैनेज किया जाएगा। इस योजना के तहत खुलवाये गए अकाउंट का लाभ पूर्ण रूप से नाबालिगों को ही मिलेगा। इस योजना में अधिकतम इन्वेस्टमेंट की कोई सीमा नहीं है। नाबालिग की उम्र 18 साल हो जाने के बाद KYC करवाया जाएगा और इसके बाद अकाउंट को सामान्य NPS अकाउंट में बदल दिया जाएगा।
कहां खुलेगा अकाउंट और जरूरी डाक्यूमेंट्स
NPS योजना के तहत अकाउंट खुलवाना हो तो आप अपने निकट स्थित पोस्ट ऑफिस या बैंक में संपर्क करना होगा। NPS वात्सल्य योजना के तहत अकाउंट खुलवाने के लिए नाबालिग के माता-पिता या गार्डियन को अपने एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र के आधार पर KYC करवाना होगा। साथ ही नाबालिग का बर्थ सर्टिफिकेट भी जरूरी है। NPS वात्सल्य योजना के तहत खुलवाये गए अकाउंट में जमा किये गए पैसों को भी इक्विटी में इन्वेस्ट किया जाएगा। आमतौर पर इस योजना के तहत खुलवाये गए अकाउंट में मौजूद पैसे का 50% हिस्सा इक्विटी में जमा करवाया जाएगा। माता-पिता चाहें तो एग्रेसिव LC-75 (कुल पैसों का 75% इक्विटी में) या फिर कंजर्वेटिव LC-25 (कुल पैसों का 25% इक्विटी में) का विकल्प भी चुन सकते हैं।
कब, कितना निकाल सकते हैं पैसा?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक NPS वात्सल्य योजना में इन्वेस्ट किये गए पैसे का लॉक-इन पीरियड 3 साल है और 3 साल बाद शिक्षा, विक्लांगता या गंभीर बिमारी के इलाज के लिए 3 बार तक अकाउंट में मौजूद 25% रकम निकाली जा सकती है। 18 वर्ष की उम्र पूरी हो जाने के बाद अगर अकाउंट में 2.5 लाख रुपये का फंड मौजूद है तो इसमें से 80% फंड का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए और 20% फंड लंप-सम के रूप में निकाला जा सकता है। अगर 18 वर्ष की आयु के बाद अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है तो माता-पिता या गार्डियन को पूरा पैसा लौटा दिया जाएगा। वहीं अगर अकाउंट में मौजूद फंड 2.5 लाख रुपये से कम है तो पूरे पैसे को लंप-सम के रूप में निकाला जा सकता है।
