Mule Account Fraud: डिजिटल लेन-देन बढ़ने के साथ भारत में ऑनलाइन स्कैम और फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। अब साइबर ठग ने एक नए तरीके का इजाद किया है, जिसका नाम म्यूल अकाउंट फ्रॉड है। इन अकाउंट का इस्तेमाल अपराधी चोरी हुए पैसे को घुमाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। अनजाने में भी ऐसे अकाउंट का हिस्सा बनने पर आम लोग गंभीर कानूनी मुसीबत में फंस सकते हैं। चलिए जानते हैं कि म्यूल अकाउंट क्या होता है और कैसे यह फ्रॉड काम करता है। इससे बचने का तरीका भी जानेंगे।
Mule Account Fraud (Photo-istock)
म्यूल अकाउंट क्या होता है?
म्यूल अकाउंट वह बैंक अकाउंट होता है जिसका इस्तेमाल कभी-कभी अनजाने में या जानबूझकर धोखाधड़ी या गैरकानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। अपराधी इन अकाउंट्स का इस्तेमाल धन के लेन-देन को छिपाने के लिए करते हैं, जिससे इनको ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है। कई बार अकाउंट होल्डर को पता भी नहीं होता कि उसका अकाउंट अपराधियों के लिए "पैसे का रास्ता" बन गया है।
अपराधी कैसे बनाते हैं म्यूल अकाउंट
धोखेबाज कई तरीके अपनाते हैं। वे बेरोजगार युवाओं या गरीब वर्ग को आसान पैसे का लालच देकर उनका अकाउंट किराए पर लेते हैं। कई अकाउंट नकली या चोरी हुई पहचान जैसे पैन और आधार के जरिए बनाए जाते हैं। इन अकाउंट का इस्तेमाल कुछ समय तक किया जाता है और फिर तुरंत खाली कर दिया जाता है और फिर छोड़ दिया जाता है।
सरकार चला रही म्यूल हंटर सिस्टम
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कड़े KYC नियम, ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किए हैं। यहां तक कि RBI की पहल "Mule Hunter" भी इस खतरे को रोकने के लिए शुरू की गई है। लेकिन अपराधी छोटे-छोटे लेन-देन कर हजारों अकाउंट में पैसे बांटकर पकड़ से बच निकलते हैं।
ग्राहकों को क्यों रहना चाहिए सतर्क
अनजाने में भी आपका अकाउंट इस तरह से साइबर क्राइम का हिस्सा बनता है, जो आप कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। एक छोटे शहर का अकाउंट भी अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क की कड़ी बन सकता है। ऐसे में आपको बहुत सावधान रहना चाहिए और नियमित अपने अकाउंट की डिटेल्स चेक करते रहना चाहिए। कोई भी अनजान एक्टिविटी होने पर बैंक को जानकारी देना चाहिए।
म्यूल अकाउंट फ्रॉड से कैसे बचें
- कभी भी अपना बैंक अकाउंट या लॉगिन डिटेल अजनबी के साथ शेयर न करें।
- ऐसे नौकरी या ऑफर से सावधान रहें जो आपके अकाउंट से ट्रांजेक्शन करवाने पर पैसे देने का वादा करें।
- अपने अकाउंट की नियमित निगरानी करें और संदिग्ध लेन-देन पर तुरंत रिपोर्ट करें।
- भरोसेमंद सोर्स से जानकारी लेते रहें, बैंक और नियामक अब जागरूकता अभियान चलाते हैं, जो आपको अलर्ट रखते हैं।
