EPFO Minimum Pension: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) 1995 के तहत पेंशनर्स को 1000 रुपये प्रति माह की न्यूनतम पेंशन मिलने में करीब एक दशक का समय लग गया है। जल्द ही इस राशि में बढ़ोतरी की जा सकती है। केंद्र ने एक सितंबर 2014 से पेंशन की यह मिनिमम राशि तय कर रखी है। वित्त वर्ष 23 की ईपीएफओ की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कुल 75.5 लाख पेंशनर्स हैं, जिनमें से 36.4 लाख को 1,000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलती है। ईटी नाउ ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि केंद्र सरकार अब नए श्रम कानूनों के लागू करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत कर रही है। हालांकि, इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। सरकार जल्द ही दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।
न्यूनतम पेंशन सीमा
नए श्रम कानूनों को लागू करने के अलावा ईपीएफओ की न्यूनतम पेंशन सीमा को 1000 रुपये से अधिक करने पर भी चर्चा चल रही है। पिछले छह वर्षों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में 6.2 करोड़ सदस्य जुड़े हैं। इसके अलावा, मई 2024 में ईपीएफओ में 19 लाख नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
कितनी दी जाती है पेंशन
लगभग 36 लाख सदस्यों को 1000 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है, जबकि 11.7 लाख को 1,001 रुपये से 1,500 रुपये के बीच पेंशन मिलती है। इसके अलावा, लगभग 8,68,000 पेंशनभोगियों को 1,501 रुपये से 2,000 रुपये प्रति माह के बीच पेंशन मिलती है। केवल 26,769 पेंशनर्स ऐसे हैं जिन्हें 5,000 रुपये प्रति माह से अधिक की राशि मिलती है। इस साल की शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने न्यूनतम पेंशन राशि को दोगुना करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इसके पीछे बजट में भारी बढ़ोतरी को वजह बताया गया था।
तीन नई योजनाएं
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के माध्यम से रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 3 नई योजनाओं की घोषणा की है। पिछले सप्ताह अपने बजट 2024 भाषण में उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री पैकेज के हिस्से के रूप में 'रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन' के लिए 3 योजनाएं लागू करेगी।
