how to check purity of mustard oil: आज के समय में बाजार (Market) में शायद ही कोई ऐसी चीज हो जो इन दिनों बिना मिलावट (Adulteration) के आती हो। मसालों से लेकर डेयरी उत्पादों तक करीब-करीब आज हर खाद्य पदार्थ (Food Ingredient) में मिलावट हो रही है। खाना पकाने का तेल (Cooking Oil) भी इससा अछूता नहीं है और इसमें भी मिलावट हो रही है। प्रोडेक्ट की अच्छी पैकेजिंग उसकी अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करती है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है।
कहीं आप तो नहीं इस्तेमाल कर रहे हैं मिलावटी सरसों का तेल।
वहीं लोगों को खाद्य पदार्थ में मिलावट की मात्रा के बारे में पता भी होता और बाद में मिलावट के चलते लोगों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे असली और नकली तेल की पहचान कर सकते हैं।
तेल को इस तरह घर पर करें चेक:-
- थोड़ा सा सरसों का तेल लें और इसे 2 से 3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। अगर आपको इसकी सतह पर सफेद रंग का पदार्थ तैरता हुआ दिखे तो तेल नकली है।
- सरसों तेल की शुद्धता की असली पहचान उसकी खुशबू है। असली सरसों के तेल की गंध बहुत तेजी होती है। अगर तेल की गंध हल्की हो तो इसका मतलब तेल में मिलावट की गई है।
- रबिंग टेस्ट सरसों के तेल की शुद्धता की पहचान करने का एक और अच्छा तरीका है। हथेली पर थोड़ा सा तेल लगाकर जोर से मलें। अगर आपको कोई गंध या रंग मिलता है तो इसका मतलब है कि तेल में कुछ चिकना पदार्थ मिला हुआ है और ये 100 फीसदी शुद्ध नहीं है।
- एक टेस्ट ट्यूब में 5 ग्राम सरसों का तेल लें। अब इसमें नाइट्रिक एसिड मिलाएं। ट्यूब को अच्छी तरह हिलाएं। अगर तेल शुद्ध है, तो उसके रंग में कोई परिवर्तन नहीं होगा। हालांकि मिलावट के मामले में रंग नारंगी-पीले से लाल रंग में बदल जाएगा। इससे आपको नकली से असली का पता चल जाएगा।
शुद्ध सरसों का तेल 58 से 60.5 का बैरोमीटर रीडिंग देता है। अगर रीडिंग इससे ज्यादा है तो तेल नकली है। हमें उम्मीद है हमारी ओर से बताए गए इन तरीकों से आप सरसों के तेल की शुद्धता की जांच कर पाएंगे और मिलावटी सरसों के तेल से खुद और अपने परिवार को बीमार होने से बचाएंगे।
