ITR में फर्जी किराए की रसीदें लगाने वाले हो जाएं सावधान, IT डिपार्टमेंट की रडार पर हैं ये कर्मचारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 22, 2023, 04:26 PM IST

ITR filing: 50 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, 10 साल के भीतर पुनर्मूल्यांकन किया जा सकता है। वहीं, 50 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्मूल्यांकन आठ साल तक किया जा सकता है।

ITR filing: वो कर्मचारियों जिन्हें सैलरी मिलती है और टैक्सपेयर्स भी हैं वह जरा सतर्क हो जाएं। आयकर विभाग (IT) के रडार पर ऐसे कई कर्मचारी हैं जो करीबी रिश्तेदारों से फर्जी किराए की रसीदें, होम लोन के नाम पर अलग से फ्लेम करने वाले, फर्जी डोनेशन और कर चोरी के कई अनैतिक तरीकों को अपनाते हैं।

ITR filing income tax department

आयकर विभाग

हर 10 साल में होता है रीवैल्यूएशन

50 लाख रुपये से अधिक कमाने वाले वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, 10 साल के भीतर पुनर्मूल्यांकन किया जा सकता है। वहीं, 50 लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्तियों के लिए पुनर्मूल्यांकन आठ साल तक किया जा सकता है। साथ ही, रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण से आईटी विभाग को राजनीतिक दलों या धर्मार्थ ट्रस्टों द्वारा अपने कर रिटर्न में उल्लिखित डेटा का व्यक्तियों द्वारा उल्लिखित दान विवरण के साथ मिलान करने में मदद मिलती है।

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