Income Tax Update: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने शनिवार को लाखों सैलरीड टैक्सपेयर्स (कर्मचारियों) को बड़ी राहत देते हुए रेंट-फ्री होम से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, वैसे कर्मचारी, जिन्हें नियोक्ताओं की तरफ से रेंट-फ्री एकमोडेशन की सुविधा दी गई है, अब पहले से ज्यादा बचत कर पाएंगे और उनकी टेक होम सैलरी बढ़ने वाली है। मतलब बदलाव से प्रभावित कर्मचारियों की टेक होम सैलरी अगले महीने से बढ़ जाएगी, क्योंकि नए प्रावधान 1 सितंबर 2023 से लागू हो रहे हैं।
रेंट-फ्री होम से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किया है
कर्मचारियों को मिलेगा ऐसे लाभ
नोटिफिकेशन के अनुसार, केंद्र सरकार अथवा राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा जिन मामलों में कर्मचारियों को अनफर्निश्ड एकमोडेशन दिए जाते हैं और उन एकमोडेशन का मालिकाना हक एम्पलॉयर के पास होता है, वैसी स्थिति में अब वैल्यूएशन इस प्रकार होगा-
ऐसे बदला वैल्यू का फॉर्मूला
1) 2011 की जनसंख्या के अनुसार 40 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में सैलरी का 10 पर्सेंट। (पहले यह 2001 की जनसंख्या के अनुसार 25 लाख की आबादी वाले शहरों में सैलरी के 15 फीसदी के बराबर था।)
2) 2011 की जनसंख्या के हिसाब से 40 लाख से कम लेकिन 15 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में सैलरी के 7.5 फीसदी के बराबर। (पहले यह 2001 की जनसंख्या के आधार पर 10 से 25 लाख की आबादी वाले शहरों में 10 फीसदी था।)
इस तरह से होगा फायदा
इस फैसले का असर होगा कि जो कर्मचारी अपने नियोक्ता की तरफ से उपलब्ध कराए गए रेंट फ्री घरों में रह रहे हैं, उनके लिए किराये का कैलकुलेशन अब बदले फॉर्मूले के हिसाब से होगा। बदले फॉर्मूले में वैल्यूएशन की दर को कम किया गया है। इसका मतलब हुआ कि अब टोटल सैलरी से कम कटौती होगी, जिसका मतलब अंतत: हर महीने की टेक होम सैलरी में बढ़ोतरी है।
वेतन में होगी वृद्धि
एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गौरव मोहन ने कहा कि इन प्रावधानों में 2011 की जनगणना के आंकड़ों को शामिल किया गया है और इसका उद्देश्य अनुलाभ मूल्य गणना को तर्कसंगत बनाना है।
मोहन ने कहा, “किराया-मुक्त आवास का लाभ लेने वाले कर्मियों के कर योग्य वेतन में कमी आएगी, जिससे घर ले जाने वाले शुद्ध वेतन में वृद्धि होगी।”
