चलती ट्रेन में खाने-पीने का सामान बेचने वाले ठेकेदारों पर नकेल कसने के लिए IRCTC ने जोरदार प्लान बनाया है। IRCTC ने एक रूट-एक फूड का प्लान तैयार किया है। इसके लिए एक क्लस्टर बनाए जाएंगे और उनके जरिए ही रूट पर ट्रेनों में लंच और डिनर की सप्लाई की जाएगी। NER में इसके लिए गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में क्लस्टर बनाने की तैयारी की जा रही है। आमतौर ट्रेनों में खाने-पीने के सामानों को लेकर लगातार शिकायतें देखने को मिलती रहती हैं।
IRCTC ने रेलवे से मांगी डिटेल्स
IRCTC ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रेलवे से ट्रेनों के साथ औसत यात्रियों के आने-जाने की डिटेल्स मांगी है। ट्रेन और यात्रियों की औसत संख्या के अनुसार ही प्लान तैयार किया जाएगा। सीआरम IRCTC प्रमुख अजीत कुमार सिन्हा के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे में IRCTC ने तीन प्रमुख स्टेशनों पर क्लस्टर बनाने की तैयारी है।
इनमें गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी शामिल है। एक रूट पर एक खाना उपलब्ध कराने की तैयारी हो रही है। क्लस्टर बनाकर इस प्लान के जरिए ट्रेनों में यात्रियों को खाना उपलब्ध कराया जाएगा। IRCTC का मानना है कि इससे खाने-पीने को लेकर आने वाली शिकायतें कम हो जाएंगी।
अलग-अलग ठेकेदार
मौजूदा समय में हर ट्रेन में खानपान को लेकर अलग-अलग ठेकेदार हैं। वो अपने हिसाब से खाने का सामान पैक कराकर यात्रियों में वितरित करते हैं। इससे खाने की क्वालिटी बेहद ही खराब रहती है और यात्रियों को गर्म खाना भी नहीं मिल पाता है। एक रूट-एक फूड प्लान के जरिए बने क्लस्टर से तय स्टेशनों से ही यात्रियों को भोजन उपबल्ध कराया जाएगा।
कॉट्रेक्टर किसी भी स्टेशन से भोजन ट्रेन में नहीं चढ़ा सकेंगे और ना ही अपने मनमाने तरीके से यात्रियों को भोजन परोस सकेंगे। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC मुख्य रूप से टिकटिंग सर्विस प्रदान करती है।
