अनिश्चित समय के दौरान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) की ओर निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने अक्टूबर में इन निवेश योजनाओं में 841 करोड़ रुपये निवेश किये, जबकि इससे पिछले महीने में यह आंकड़ा 175 करोड़ रुपये था। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन अवधि में गोल्ड ईटीएफ का परिसंपत्ति आधार भी बढ़ गया।
कीमतों में नरमी
दिवाली धनतेरस के मौके पर सोने और चांदी की खरीदारी शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ शुरू हुई। सोने की कीमतों में नरमी के साथ उपभोक्ता मांग में सुधार के चलते इसमें तेजी हुई। गौरतलब है कि भारत सोने का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। मॉर्निंगस्टार इंवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के विश्लेषक और शोध प्रबंधक मेल्विन सैंटारिटा ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिका में ब्याज दर में बढ़ोतरी की आशंका, मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर बने रहने और वृद्धि दर धीमी होने के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बनी हुई है।
कितने करोड़ का हुआ है निवेश
आंकड़ों के मुताबिक सोने से जुड़े ईटीएफ में पिछले महीने 841 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि सितंबर में यह 175.3 करोड़ रुपये था। अगस्त में इस श्रेणी में 1,028 करोड़ रुपये निवेश किए गए थे, जो 16 महीनों में सबसे अधिक मासिक प्रवाह था।
एक्सिस सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटीज) देवेया गगलानी ने कहा कि पिछले साल धनतेरस के बाद से सोने ने निफ्टी 50 के रिटर्न को आसानी से पछाड़ते हुए करीब 20 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दिया है।
