Indian Railways Bedroll: अब रेलवे द्वारा बेडरोल में मिलने वाले कंबल को 15 दिनों के अंतराल पर धोया जाएगा। यात्रियों की शिकायतों को देखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है। रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या के लिहाज से भारतीय रेलवे दुनिया में पहले नंबर पर है। भारतीय रेलवे की ट्रेनों के AC कोच में सफर करने वाले यात्रियों को बेडरोल की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। कुछ समय पहले ही एक RTI के जवाब में रेलवे ने बताया था कि बेडरोल में मिलने वाले कंबल को महीने में एक बार धोया जाता है। रोजाना भारतीय रेलवे द्वारा 13,000 ट्रेनें चलाई जाती हैं जिनमें करोड़ों लोग सफर करते हैं।
अब हर 15 दिनों में धुलेगा ट्रेन का कंबल
धुलाई में लगता है इतना समय
हाल ही में IANS की एक टीम गुवाहाटी स्थित रेलवे की लॉन्ड्री पहुंची थी। बेडरोल में मिलने वाली चादरों और कंबलों को यहीं धोया जाता है। मौके पर मौजूद रेलवे की सेनियर इंजिनियर नीपन कलिता ने IANS की टीम को बताया कि कंबल को ढोने में महज 45 मिनट का ही समय लगता है और सफाई की यह प्रक्रिया काफी तेज और प्रभावी है। कंबल को सबसे पहले 80-90 डिग्री के तापमान पर धोया जाता है जिसके बाद इसे ड्रायर में सुखाया जाता है। कभी-कभी कंबल की सफाई प्रक्रिया में थोड़ा ज्यादा समय लगता है लेकिन कुल 50-55 मिनट में कंबल धुल जाता है।
यह भी पढ़ें: Bharat Mobility Expo 2025 में लॉन्च होंगी ये 10 कारें, क्या आपकी फेवरेट भी है लिस्ट में शामिल
चादर और कवर की सफाई
रेलवे द्वारा बेडरोल में दी जाने वाली चादरों और तकिये के कवर्स को हर यात्रा के बाद धोया जाता है। गुवाहाटी रेल कोचिंग डिपो के मेनेजर सुदर्शन भारद्वाज ने बताया कि चादरों को धोने में 45-60 मिनट का समय लगता है। इन्हें मशीन में डालकर अच्छी तरह साफ किया जाता है जिसके बाद इन्हें ड्रायर में सुखाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि एक कंबल धोने में रेलवे को 23.59 रुपये का खर्च आता है।
