Train Night Travel Rules: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात के समय के लिए कुछ खास नियम लागू करती है। इन नियमों का पालन करना सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य होता है। यदि आप भी ट्रेन से यात्रा करते हैं तो आपको इन नियमों की जानकारी होना चाहिए ताकि आप मुश्किल में न पड़ें। इन नियमों का मकसद यात्रियों को आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना और ट्रेन में अनुशासन बनाए रखना है। आइए जानते हैं वो नियम जो रात में ट्रेन में सफर के दौरान लागू होते हैं।
रात में बदल जाते हैं ट्रेन के ये नियम (image-istock)
रात में लागू होने वाले स्पेशल नियम
रात 10 बजे के बाद रेलवे ने कोच के भीतर अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। इस दौरान कोई भी यात्री तेज आवाज में बातचीत या मोबाइल पर बात नहीं कर सकता। बिना ईयरफोन के ऊंची आवाज में म्यूजिक बजाना भी मना है। इसी तरह नाइट लाइट को छोड़कर सभी लाइटें बंद रखनी होती हैं ताकि अन्य यात्रियों की नींद में बाधा न हो।
TTE, सर्विस और सीट से जुड़े नियम
IRCTC के अनुसार, रात 10 बजे के बाद TTE यात्रियों के टिकट चेक करने नहीं आएंगे। वहीं, ग्रुप में सफर करने वाले यात्री रात में आपस में तेज आवाज में बातचीत नहीं कर सकते। अगर किसी यात्री के पास मिडिल बर्थ है तो वह रात 10 बजे के बाद अपनी सीट खोल सकता है और लोअर बर्थ वाला यात्री आपत्ति नहीं कर सकता। इसके अलावा उसे सुबह 6 बजे अपनी सीट बंद करने की आजादी भी होती है। इसके अलावा रात में ट्रेन सर्विस ऑनलाइन फूड सर्व नहीं करेगी, हालांकि ई-कैटरिंग से पहले से ऑर्डर किया गया भोजन डिलीवर किया जा सकता है।
IRCTC के नियम: रात 10 बजे के बाद भारतीय रेलवे द्वारा जारी नियम
- रात 10 बजे के बाद, TTE यात्री का टिकट चेक करने नहीं आ सकता
- नाइट लाइट को छोड़कर, सभी लाइटें बंद होनी चाहिए
- समूह में यात्रा करने वाले यात्री रात 10 बजे के बाद बातचीत नहीं कर सकते
- अगर मिडिल बर्थ सह-यात्री अपनी सीट खोलता है तो लोअर बर्थ के यात्री इसपर आपत्ति नहीं जता सकते।
- ट्रेन सर्विस में रात 10 बजे के बाद ऑनलाइन भोजन नहीं परोस सकता। हालांकि, आप ई-कैटरिंग सर्विस के साथ रात में भी ट्रेन में अपना भोजन या नाश्ता प्री-ऑर्डर कर सकते हैं।
