EPFO Rule: घरेलू एयर लाइन स्पाइसजेट ने करीब ढाई साल से अपने 11 हजार से अधिक कर्मचारियों के पीएफ का पैसा जमा नहीं किया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के इस खुलासे के बाद अब एयरलाइन एक नए संकट में फंसती हुई नजर आ रही है। ईपीएफओ ने कंपनी को इस संबंध में नोटिस भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, स्पाइसजेट 2022 से ही अपने कर्मचारियों के पीएफ जमा करने में चूक कर रही है। अगर आपका एम्प्लॉयर आपके पीएफ का पैसा जमा नहीं कर रहा है तो आपके पास क्या अधिकार हैं, जान लीजिए।
एम्प्लॉयर और कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन
प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्माचरियों की सैलरी से पीएफ का पैसा काटा जाता है। पीएफ के खाते में एम्प्लॉयर यानी कंपनी और कर्मचारी दोनों को कंट्रीब्यूशन करना होता है। अगर कोई एम्प्लॉयर इस फंड में कंट्रीब्यूशन जमा नहीं करता या फिर देर से करता है, तो उसे जुर्माना देना पड़ता है।
कितना जमा होता है पैसा
ईपीएफओ के नियम के अनुसार, कर्मचारी की हर महीने की बेसिक सैलरी और डीए से 12-12 फीसदी की कटौती होती है और यह पैसा जमा होता है। एम्प्लॉयर के हिस्से के 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी एम्प्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) में जमा होता है और बाकी का 3.67 फीसदी पीएफ खाते में जमा होता है।
डिफॉल्ट पर लगता है जुर्माना
ईपीएफ से जुड़े मामलों की जानकारी रखने वाले एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर एम्प्लॉयर पीएफ का कंट्रीब्यूशन डिफॉल्ट करता है तो उसपर जुर्माना लगता है। दो महीने या महीने महीने की चूक पर जुर्माने की राशि हर महीने 1 फीसदी के हिसाब से ही देनी होती है। नए नियम के अनुसार, डिफॉल्ट पर 1 फीसदी के बराबर मासिक या 12 फीसदी के बराबर सालाना पेनल्टी लगेगी। पहले अधिकतम जुर्माना 25 फीसदी तक था।
कहां करें शिकायत
अगर आपकी कंपनी पीएफ का पैसा समय पर नहीं जमा कर रही है, तो आप इसकी शिकायत ईपीएफओ के शिकायत पोर्टल epfigms.gov.in पर कर सकते हैं।
