घर का बजट संभालते समय बड़े खर्चों पर तो अक्सर ध्यान दिया जाता है, लेकिन चाय-कॉफी, सब्जी, दूध, ऑनलाइन छोटी खरीदारी, ऑटो-कैब या बच्चों से जुड़े छोटे खर्च आसानी से नजरअंदाज हो जाते हैं। यही छोटे-छोटे खर्च महीने के अंत तक बड़ी रकम बन सकते हैं। इसलिए घर की महिलाएं अगर रोजाना के छोटे खर्चों को ट्रैक करने की आदत बना लें, तो बजट को संभालना काफी आसान हो सकता है। आइए जानते हैं घर के छोटे खर्चों को कैसे ट्रैक कर सकती हैं-
महिलाएं ऐसे करें घर के छोटे खर्चों को ट्रैक (Photo: iStock)
हर खर्च को नोट करने की आदत बनाएं
छोटे खर्चों को ट्रैक करने का सबसे आसान तरीका है कि खर्च करने के तुरंत बाद उसे नोट कर लिया जाए। इसके लिए मोबाइल के नोट्स ऐप, एक्सेल शीट या किसी खर्च ट्रैकिंग ऐप का इस्तेमाल कर सकती हैं। जैसे 62 रुपये दूध, 80 रुपये सब्जी, 120 रुपये ऑटो या 150 रुपये ऑनलाइन सामान पर खर्च हुए हैं, तो उसी समय नोट कर लें। दिन में एक निश्चित समय तय करें और उस दिन के सभी खर्च एक साथ दर्ज करें।
खर्च को अलग-अलग कैटेगरी में बांटें
सिर्फ रकम लिखने के बजाय खर्च का कारण भी लिखें। उदाहरण के लिए किराना, यात्रा, घर, बच्चों, शॉपिंग, बाहर खाना और मनोरंजन जैसी कैटेगरी बनाई जा सकती हैं। इससे महीने के अंत में पता चल जाएगा कि पैसा सबसे ज्यादा कहां जा रहा है। मान लीजिए महीने में छोटे-छोटे ऑनलाइन ऑर्डर पर 2,000 रुपये खर्च हो रहे हैं। अलग कैटेगरी होने पर यह रकम आसानी से नजर आ जाएगी और जरूरत के हिसाब से इसे कम करने का फैसला लिया जा सकता है।
Cash और UPI दोनों का हिसाब रखें
आजकल कई छोटे भुगतान UPI से होते हैं, इसलिए सिर्फ नकद खर्च लिखना काफी नहीं है। बैंक या UPI ऐप की हिस्ट्री को सप्ताह में एक बार चेक करके देख सकते हैं कि कोई खर्च छूट तो नहीं गया। नकद खर्च के लिए एक छोटी डायरी या मोबाइल नोट बनाया जा सकता है।
हफ्ते में एक बार करें 10 मिनट की समीक्षा
हर दिन बजट बनाने के बजाय हफ्ते में एक बार 10 मिनट निकालकर खर्चों की समीक्षा करें। देखें कि कौन-से खर्च जरूरी थे और किन खर्चों को अगले सप्ताह कम किया जा सकता है। इससे महीने के आखिर में अचानक यह पता नहीं चलेगा कि बजट से काफी ज्यादा पैसा खर्च हो चुका है।
छोटी बचत के लिए एक लिमिट तय करें
छोटे खर्चों को पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय महीने की एक छोटी सीमा तय की जा सकती है। जैसे बाहर की चाय-कॉफी, ऑनलाइन शॉपिंग या गैर-जरूरी छोटी खरीदारी के लिए अलग बजट रखें। सीमा पूरी होने के बाद अगली खरीदारी को अगले महीने तक टालने की कोशिश करें।
