Exemptions And Deductions For Senior Citizen In ITR: वित्तीय वर्ष 2022-23 (आकलन वर्ष या एसेसमेंट ईयर 2023-24) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की डडेडलाइन 31 जुलाई है। बीते कुछ सालों में, सरकार ने कोरोना समेत कई कारणों से आईटीआर दाखिल करने की लास्ट डेट बढ़ाई है। हालाँकि, इस साल संभावना है कि इस डेट में कोई विस्तार नहीं होगा।
आईटीआर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट और कटौतियाँ
बता दें कि वरिष्ठ नागरिकों को आयकर (आईटी) अधिनियम, 1961 के तहत कई टैक्स बेनेफिट मिलते हैं। आईटी अधिनियम (IT Act) के तहत हर निवासी भारतीय, जो कम से कम 60 वर्ष का है, एक 'वरिष्ठ नागरिक' है। आगे जानिए सीनियर सिटीजन को आईटीआर फाइल करने में कौन-कौन से बेनेफिट मिल सकते हैं।
पुराने टैक्स सिस्टम में फायदा
पुराने टैक्स सिस्टम में छूट की लिमिट वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3 लाख रु और 'सुपर सीनियर' (80 वर्ष और इससे अधिक) के लिए 5 लाख रु है। हालाँकि, नए टैक्स सिस्टम में, वरिष्ठ यानी सीनियर और 'सुपर सीनियर' दोनों को आम नागरिकों की तरह ही 2.5 लाख की बेसिक छूट मिलती है।
डिटेल में जानिए 4 फायदों के बारे में
- हायर मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम डिडक्शन (आईटी अधिनियम की धारा 80डी)
- ब्याज इनकम पर धारा 80टीटीबी के तहत छूट
- स्वास्थ्य या गंभीर बीमारी के लिए बीमा खरीदने की लागत पर टैक्स बेनेफिट (धारा 80डी)। स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए अधिकतम कटौती 25,000 रु, और यदि माता-पिता में से एक या दोनों की उम्र 60 वर्ष से अधिक है तो 50,000 रु तक।
- 5,000 (धारा 80डी) के प्रेवेंटिव हेल्थ चेक-अप के लिए बेनेफिट
कई तरीकों से मिलेगा लाभ
केवल भारत के निवासी (Resident Indian) ही इन खास बेनेफिट्स का फायदा ले सकते हैं, जो एडवांस टैक्स पेमेंट भुगतान, स्टैंडर्ड डिडक्शन, चिकित्सा बीमा प्रीमियम के तहत डिडक्शन, बैंकों और पोस्ट ऑफिस से मिलने वाले ब्याज के लिए कटौती आदि के तहत उपलब्ध हैं।
