Pan Masala and Gutkha Manufacturers: सरकार ने पान मसाला, गुटखा और इसी तरह के तंबाकू प्रोडक्ट्स के निर्माताओं के रजिस्ट्रेशन और मासिक रिटर्न दाखिल करने के लिए स्पेशल प्रोसेस के कार्यान्वयन की समय सीमा 15 मई तक बढ़ा दी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने इससे पहले नए रजिस्ट्रेशन और मासिक रिटर्न दाखिल प्रक्रिया एक अप्रैल 2024 से क्रियान्वित करने की जनवरी में घोषणा की थी। ऐसे व्यवसायों के रजिस्ट्रेशन, रिकॉर्ड रखना और मासिक जानकारी में आमूलचूल बदलाव के कदम का मकसद पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं के जीएसटी अनुपालन में सुधार करना था।
जीएसटी कानून में भी संशोधन
वित्त विधेयक 2024 के जरिए जीएसटी कानून में भी संशोधन किया गया। इसमें कहा गया कि पान मसाला, गुटखा और इसी तरह के तंबाकू उत्पादों के निर्माताओं को एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा, यदि वे एक अप्रैल से अपनी पैकिंग मशीनरी को जीएसटी अधिकारियों के साथ रजिस्टर्ड करने में विफल रहते हैं। सीबीआईसी ने एक नोटोफिकेशन के जरिए इस स्पेशल प्रोसेस के कार्यान्वयन की तारीख 45 दिन बढ़ाकर 15 मई तक कर दी है।
क्यों बढ़ी डेडलाइन
इस बीच, मूर सिंघी के कार्यकारी निदेशक रजत मोहन ने कहा कि न तो जीएसटी सिस्टम ने नई प्रक्रिया पर कोई परामर्श जारी किया है और न ही नई फाइलिंग संबंधी जानकारी दी गई। इसलिए सरकार ने नई प्रक्रिया के कार्यान्वयन को 45 दिन यानी 15 मई तक स्थगित करने का निर्णय लिया है।
पिछले साल फरवरी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्यों के समकक्षों वाली जीएसटी परिषद ने पान मसाला और गुटखा व्यवसायों में कर चोरी रोकने पर राज्य के वित्त मंत्रियों के एक पैनल की रिपोर्ट को मंजूरी दे दी थी।
