FD vs PPF: पीपीएफ या एफडी, कहां निवेश करना है मुनाफे का सौदा

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 30, 2024, 04:18 PM IST

FD vs PPF: एफडी में निवेश पर रेगुलर सेविंग अकाउंट की तुलना में अधिक ब्याज में मिलता है। फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा अवधि के अनुसार, ब्याज दर तय की जाती है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। इसे सरकार चलाती है। इस स्कीम को रिटायरमेंट प्लानिंग के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

FD vs PPF: भारत में फिक्स्ड डिपॉज़िट (FD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) निवेश के लिए सबसे लोकप्रिय इंस्ट्रूमेंट हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश की सुविधा बैंक और वित्तीय संस्थान प्रदान करते हैं। एफडी में निवेश पर रेगुलर सेविंग अकाउंट की तुलना में अधिक ब्याज में मिलता है। फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा अवधि के अनुसार, ब्याज दर तय की जाती है। इसमें निवेश की अवधि कुछ महीने से लेकर कई साल तक होती है। मैच्योरिटी पर मूल राशि के साथ ब्याज का भुगतान किया जाता है। FD में ब्याज आमतौर पर सालाना या तिमाही आधार पर तय की जाती है।

PPF Saving Tips (Photo: Freepik)

पब्लिक प्रोविडेंट फंड

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। इसे सरकार चलाती है। इस स्कीम को रिटायरमेंट प्लानिंग के हिसाब से डिजाइन किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस स्कीम में निवेश की रकम इसलिए सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि निवेश की गारंटी सरकार लेती है। यह एक लॉन्ग टर्म निवेश वाली स्कीम है। पीपीएफ में निवेश करने वाले कुछ गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से उन्हें वित्तीय रूप से नुकसान झेलना पड़ जाता है।

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