EPFO Claim Rejection: ऐसे रिजेक्ट नहीं होगा आपका PF क्लेम, इन बातों का रखें ध्यान

EPFO Claim Rejection: फाइनल सेटलमेंट, ट्रांसफर और विथड्रॉल में तेजी से क्लेम रिजेक्ट बढ़ा है। ईपीएफओ (EPFO) के अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रोसेसिंग की वजह से क्लेम रिजेक्ट होने का आंकड़ा बढ़ा है। पहले कंपनी क्लेम के डॉक्यूमेंट्स की जांच करती थी। अब 99 फीसदी क्लेम ऑनलाइन ही हो रहे हैं।

EPFO Claim Rejection: पिछले कुछ साल के दौरान प्रोविडेंट फंड (PF) क्लेम रिजेक्ट होने के आंकड़े में इजाफा देखने को मिला है। नए डेटा के अनुसार, हर तीन में से एक फाइनल पीएफ क्लेम रिजेक्ट हो रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 यह 34 फीसदी रहा। वहीं, 2017-18 में यह आंकड़ा 13 फीसदी पर था। यानी क्लेम रिजेक्ट होने का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। फाइनल सेटलमेंट, ट्रांसफर और विथड्रॉल में तेजी से क्लेम रिजेक्ट बढ़ा है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ ने कई मामलों में क्लेम को खारिज कर दिया है, जिसकी वजह खाताधारकों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़े।

EPFO Claim Rejections

ऑनलाइन प्रोसेसिंग

ईपीएफओ (EPFO) के अधिकारियों के अनुसार, ऑनलाइन प्रोसेसिंग की वजह से क्लेम रिजेक्ट होने का आंकड़ा बढ़ा है। पहले कंपनी क्लेम के डॉक्यूमेंट्स की जांच करती थी। फिर ईपीएफओ के पास पहुंचता था। लेकिन अब इसे सीधे आधार से जोड़ दिया गया है और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर जारी कर दिए गए हैं। इसलिए अब 99 फीसदी क्लेम ऑनलाइन ही हो रहे हैं।

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