Digi Yatra Facility: भारत के विमानन क्षेत्र के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कहा है कि डिजीयात्रा सुविधा, जो यात्रियों की निर्बाध आवाजाही के लिए चेहरे की पहचान तकनीक का उपयोग करती है। इसे नौ और एयरपोर्ट्स तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने देश में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के स्वामित्व वाले नौ और हवाई अड्डों पर शुक्रवार को डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत की।
इंदौर एयरपोर्ट पर डिजियात्रा सुविधा शुरू
एक अधिकारी ने बताया कि इन हवाई अड्डों में विशाखापत्तनम, पटना, रायपुर, भुवनेश्वर, गोवा (डाबोलिम), इंदौर, रांची, कोयम्बटूर और बागडोगरा शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नायडू ने विशाखापत्तनम में एक कार्यक्रम में इस सुविधा का आरंभ किया। आठ अन्य हवाई अड्डों पर ऑनलाइन माध्यम से इस सुविधा को शुरू किया गया।
नागर विमानन मंत्रालय द्वारा परिकल्पित इस परियोजना का मकसद ‘फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी’ (एमआईटी) के आधार पर हवाई अड्डों पर यात्रियों को संपर्क रहित व निर्बाध सुविधा मुहैया कराना है। मंत्री ने कहा कि डिजी यात्रा नागर विमान उद्योग में एक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी प्रगति है। इसे तीन करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं द्वारा व्यापक स्वीकृति मिली है।
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर शुक्रवार से ‘डिजीयात्रा’ सुविधा की औपचारिक शुरुआत की गई। इससे पहले पिछले दिनों एक प्रायोगिक प्रक्रिया के दौरान यहां हर 100 में से औसतन 15 यात्रियों ने इस सुविधा का इस्तेमाल किया। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने विशाखापत्तनम में एक कार्यक्रम में इस सुविधा की शुरुआत की, जबकि आठ अन्य हवाई अड्डों पर ऑनलाइन माध्यम से इस सुविधा को शुरू किया गया। इनमें इंदौर का हवाई अड्डा भी शामिल है। इस दौरान स्थानीय हवाई अड्डे पर इंदौर के लोकसभा सांसद शंकर लालवानी भी मौजूद रहे।
‘फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी’ पर आधारित ‘डिजीयात्रा’ सेवा हवाई अड्डे के अलग-अलग स्थानों पर यात्रियों को संपर्करहित और निर्बाध आवा-जाही की सुविधा प्रदान करती है। इंदौर के हवाई अड्डे के निदेशक विपिनकांत सेठ ने संवाददाताओं से कहा कि हमने पिछले दिनों एक प्रयोग के तौर पर हवाई अड्डे पर डिजियात्रा की सुविधा का विकल्प पेश किया था। इस दौरान हर 100 में से औसतन 15 यात्रियों ने इस सुविधा का इस्तेमाल किया।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर हवाई अड्डे में दाखिल होने के लिए यात्रियों को प्रस्थान द्वार पर अपने पहचान पत्र और टिकट की जांच कराने में 15 सेकंड से एक मिनट तक का समय लगता है, लेकिन ‘डिजीयात्रा’ के जरिये वे महज पांच सेकंड के भीतर हवाई अड्डे में प्रवेश कर सकते हैं। सेठ ने बताया कि इंदौर के हवाई अड्डे पर रोजाना 4,500 से 5,000 यात्रियों की आवा-जाही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल घरेलू गंतव्यों की यात्रा पर रवाना होने वाले लोगों के लिए ‘डिजियात्रा’ सुविधा की शुरुआत की गई है। (इनपुट भाषा)
