आज के समय में UPI से पेमेंट करना बेहद आसान हो गया है। कुछ सेकंड में पैसे भेजे जा सकते हैं, लेकिन इसी के साथ UPI फ्रॉड का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में एक सवाल कई लोगों के मन में आता है कि क्या UPI PIN डालने से पहले ही बैंक खाते से पैसा कट सकता है? इसका जवाब समझने के लिए UPI पेमेंट और ऑटोमैटिक पेमेंट के बीच का अंतर जानना जरूरी है।
सामान्य UPI पेमेंट में PIN की क्या भूमिका है?
जब आप UPI के जरिए किसी व्यक्ति या दुकानदार को पैसे भेजते हैं, तो आम तौर पर पेमेंट को अधिकृत करने के लिए UPI PIN डालना पड़ता है। PIN डालने के बाद ही बैंक ट्रांजैक्शन को मंजूरी देता है। इसलिए किसी नए UPI पेमेंट में सिर्फ किसी का UPI ID, मोबाइल नंबर या QR कोड जानने से आपके खाते से अपने आप पैसे नहीं कटने चाहिए। यही वजह है कि UPI PIN को बेहद गोपनीय रखना जरूरी है। बैंक या कोई UPI ऐप आपसे फोन पर UPI PIN बताने के लिए नहीं कहता।
लेकिन AutoPay में हर बार PIN जरूरी नहीं
UPI AutoPay इसका एक अलग मामला है। अगर आपने किसी सर्विस के लिए पहले से UPI Mandate को मंजूरी दे रखी है, तो तय नियम और तारीख के अनुसार भुगतान अपने आप हो सकता है। ऐसे ट्रांजैक्शन में हर बार नया UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा यूपीआई लाइट से भी 2,000 रुपये तक की पेमेंट के लिए पिन की जरूरत नहीं है।
उदाहरण के लिए, आपने किसी OTT सब्सक्रिप्शन, EMI, इंश्योरेंस प्रीमियम या किसी अन्य नियमित भुगतान के लिए AutoPay चालू किया है। ऐसे में निर्धारित तारीख पर आपके खाते से रकम कट सकती है, भले ही आपने उस समय कोई PIN न डाला हो।
पैसे भेजने और पैसे मांगने में अंतर समझें
UPI इस्तेमाल करते समय सबसे जरूरी बात यह समझना है कि पैसे प्राप्त करने और पैसे भेजने की प्रक्रिया अलग होती है। अगर कोई व्यक्ति आपको पैसे भेज रहा है, तो आपको पैसे पाने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
इसके उलट, अगर किसी ने आपके पास Money Request भेजी है और आप उसे स्वीकार करके भुगतान करते हैं, तो आपके खाते से पैसे जा सकते हैं। इसलिए किसी भी पेमेंट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले यह जरूर देखें कि उसमें कितनी रकम मांगी गई है और रिक्वेस्ट किसने भेजी है।
ट्रांजैक्शन फेल होने पर भी दिख सकता है पैसा कटा
कई बार UPI पेमेंट करते समय स्क्रीन पर ट्रांजैक्शन फेल या पेंडिंग दिखाई देता है, लेकिन बैंक खाते से रकम डेबिट हो जाती है। इसका कारण बैंक या पेमेंट सिस्टम में तकनीकी देरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत दोबारा पेमेंट करने के बजाय पहले बैंक खाते और UPI ऐप की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री में स्टेटस चेक करें। अगर पैसा कट गया है लेकिन भुगतान सफल नहीं हुआ, तो बैंक या संबंधित UPI ऐप के जरिए शिकायत की जा सकती है।
UPI फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
UPI का इस्तेमाल करते समय किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर UPI PIN न डालें। खासकर अगर कोई यह कह रहा है कि पैसे प्राप्त करने, रिफंड लेने या किसी इनाम की रकम हासिल करने के लिए PIN डालना होगा, तो सावधान हो जाएं।
इसके अलावा, किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंकिंग जानकारी दर्ज न करें और अपना UPI PIN, OTP या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। अपने UPI ऐप में सक्रिय AutoPay और Mandate की जानकारी भी समय-समय पर जांचते रहें।
तो क्या PIN डालने से पहले पैसा कट सकता है?
सामान्य नए UPI पेमेंट में बिना आपकी मंजूरी के पैसा डेबिट नहीं होना चाहिए लेकिन पहले से मंजूर AutoPay या Mandate के तहत भुगतान बिना हर बार PIN डाले हो सकता है। इसी तरह किसी पुराने या पेंडिंग ट्रांजैक्शन में तकनीकी देरी के कारण भी आपको बाद में डेबिट दिखाई दे सकता है।
इसलिए अगर खाते से ऐसा कोई पैसा कटता है जिसे आपने मंजूर नहीं किया है, तो तुरंत बैंक स्टेटमेंट और UPI ट्रांजैक्शन हिस्ट्री चेक करें और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की शिकायत बैंक या संबंधित सेवा प्रदाता से करें।
