Bihar Lok Adalat: अगर आप बिहार में रहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आपके पास ट्रैफिक के पेंडिंग केस और ट्रैफिक चलान को भारी छूट के साथ निपटाने का सुनहरा मौका है। दरअसल, आज यानी 9 मई, 2026 को बिहार में राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारी के तौर पर, पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने अधिकारियों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोक अदालत सुचारू रूप से चले और आम जनता को उनके लंबित ट्रैफिक चालान निपटाने में मदद मिले।
बिहार लोक अदालत
चलान पर भारी छूट मिलेगी
बिहार सरकार ने 30 अप्रैल, 2026 को गजट अधिसूचना जारी कर चालान राशि में भारी कटौती का प्रावधान किया है, इसलिए अदालतों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। कोर्ट ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) द्वारा दिए गए सुझावों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।
ट्रैफिक चालान निपटारे के लिए नकद भुगतान नहीं
पटना हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे लोगों को चालान की राशि नकद (Cash) में जमा न करनी पड़े। इसके बजाय, वे ऑनलाइन भुगतान सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
परिवहन विभाग लोगों को लोक अदालत की जानकारी देगा
हाई कोर्ट ने कहा कि जिन पंजीकृत वाहन स्वामियों के खिलाफ चालान जारी किए गए हैं, उन्हें परिवहन विभाग द्वारा दो दिनों के भीतर लोक अदालत के बारे में सूचित किया जाना चाहिए।
मोबाइल पर सूचना
वाहन मालिकों को उनके मोबाइल नंबर पर एक नोटिफिकेशन भेजा जाएगा, जिसमें उस घटी हुई चालान राशि (Reduced Amount) की जानकारी होगी जिसे भरकर वे अपना केस बंद कर सकते हैं। नेशनल लोक अदालत की समय और स्थान का विवरण मोबाइल पर दिया जाएगा। वहां पहुंचने पर उन्हें आधार कार्ड जैसा वैध पहचान पत्र दिखाना होगा।
सुरक्षा और पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था
पटना हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) आयोजन स्थल पर उचित सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इसमें सीसीटीवी (CCTV) लगाना शामिल है। साथ ही, ट्रैफिक पुलिस पार्किंग के उचित प्रबंध करेगी ताकि भीड़ को संभाला जा सके और लोग व्यवस्थित तरीके से अपने बकाया का निपटारा कर सकें। लंबी कतारों को प्रबंधित करने और अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
हेल्प डेस्क होगा
आरसी (RC), ड्राइविंग लाइसेंस और चालान नोटिस जैसे दस्तावेजों की प्रतियों के सत्यापन के लिए एक सहायता और समन्वय डेस्क (Help Desk) बनाया जाएगा।
बिचौलियों पर रोक
कोर्ट ने कहा कि चूंकि यह प्रक्रिया सीधी, सुरक्षित और कानूनी है, इसलिए बाहरी एजेंटों या बिचौलियों को इसमें हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं होगी।
