Expenses Not Covered By Health Insurance Policy: आपके बीमार पड़ने पर आपकी वित्तीय स्थिति पर बहुत ही खराब असर पड़ता है। साथ ही अगर आपके करीबी बीमार पड़ते हैं और आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस न हो तो आपके लिए इलाज का खर्चा उठाना काफी मुश्किल हो जाता है। अपने भविष्य को बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के लिए बहुत जरूरी है कि आप एक अच्छी और सही इंश्योरेंस पॉलिसी का चयन करें। एक सही इंश्योरेंस पॉलिसी न सिर्फ आपको बल्कि आपके परिवार और करीबियों को भी एक सुरक्षित भविष्य देती है। क्या आपको पता है भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) कुछ खर्चों को इलाज से संबंधित नहीं मानता और आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में इन खर्चों को कवर नहीं किया जाता। अगर आपके पास भी एक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है या फिर आप एक हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको इन खर्चों के बारे में जान लेना चाहिए।
IRDAI के अनुसार हॉस्पिटल के इन खर्चों का बोझ नहीं उठाएगी आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी
ये खर्च नहीं होंगे कवरIRDAI के अनुसार ये खर्च नॉन-मेडिकल माने गए हैं और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी इन्हें कवर नहीं करती है:
इलाज के दौरान: हॉस्पिटल में एडमिशन या फिर रजिस्ट्रेशन के खर्च को नॉन-मेडिकल खर्च माना गया है। इसके साथ ही स्पिरिट, इनफ्यूजन पंप, टीका लगने, यूरिन बैग, HIV किट और ब्लड रिजर्वेशन की रकम से संबंधित खर्चों को भी नॉन-मेडिकल खर्च माना जाता है।
हॉस्पिटल के कमरे का खर्च: आपके हॉस्पिटल के कमरे में हाउसकीपिंग, फूट कवर और हॉस्पिटल गाउन, पल्स और ऑक्सीमीटर, टिश्यू पेपर इत्यादि से संबंधित खर्च भी नॉन-मेडिकल खर्च माने जाते हैं।
इलाज के दौरान: इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली कॉटन, सर्जिकल ब्लेड, एप्रोन और एंडोस्कोपी के उपकरणों से संबंधित खर्चों को भी नॉन-मेडिकल खर्च माना जाता है। इसके साथ ही सिरिंज, सुई, इंजेक्शन और किसी अन्य डॉक्टर को रेफर किये जाने के खर्चों को भी नॉन-मेडिकल खर्च माना जाता है।
