कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी ESIC) के लाभार्थियों के लिए अब आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) जरूरी हो गया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने जानकारी दी है कि Social Security Code, 2020 की धारा 142 के तहत ESIC लाभार्थियों को अपने आधार कार्ड को ESIC Pehchan Card से लिंक कराना होगा। इसका मकसद लाभार्थियों की पहचान को प्रमाणित करना और उन्हें ESIC की सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का निर्बाध लाभ उपलब्ध कराना है।
किन लोगों को मिलेगा ESIC का लाभ?
किन लोगों को मिलेगा ESIC का लाभ?
ESIC के तहत कवर कर्मचारियों और उनके परिवारों को मेडिकल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई सुविधाएं मिलती हैं। आम तौर पर 21,000 रुपये प्रति माह तक वेतन पाने वाले कर्मचारी इस योजना के दायरे में आते हैं। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए वेतन सीमा 25,000 रुपये प्रति माह तक है, हालांकि इसके लिए लागू नियम और शर्तें मान्य रहेंगी।
ESIC Pehchan Card से Aadhaar कैसे लिंक करें?
लाभार्थी घर बैठे ऑनलाइन Aadhaar Seeding की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले ESIC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। यहां “Insured Persons and Beneficiaries” विकल्प पर क्लिक करके अपनी User ID और Password से लॉगिन करें।
लॉगिन करने के बाद “Aadhaar Seeding for IP” विकल्प चुनें। इसके बाद दिखाई देने वाली सूची में अपना नाम खोजें और “Click Here to Seed Aadhaar” पर क्लिक करें। अब अपना Aadhaar नंबर दर्ज करना होगा और Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए Authentication पूरा करना होगा।
Authentication के बाद क्या होगा?
OTP के जरिए प्रक्रिया पूरी करने के बाद Authentication Request सबमिट हो जाएगी और आपको एक Reference Number मिलेगा। इसके बाद ESIC की ओर से जरूरी Verification प्रक्रिया पूरी की जाएगी। Verification सफल होने के बाद आपका Aadhaar ESIC रिकॉर्ड से लिंक हो जाएगा।
Aadhaar लिंक करना क्यों जरूरी है?
Aadhaar Seeding से ESIC लाभार्थियों की पहचान को प्रमाणित करने में मदद मिलती है। इससे लाभार्थियों को योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। मंत्रालय ने भी लाभार्थियों से अपने ESIC Pehchan Card के साथ Aadhaar Seed कराने की अपील की है।
ESIC में मिलती हैं कई महत्वपूर्ण सुविधाएं
ESIC के तहत पात्र कर्मचारियों और उनके परिवारों को मेडिकल इलाज, अस्पताल में भर्ती और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा बीमारी या अस्थायी दिव्यांगता के दौरान आर्थिक सहायता, काम के दौरान हुई चोट के कारण स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पेंशन और कर्मचारी की रोजगार संबंधी चोट से मृत्यु होने पर आश्रितों को आर्थिक सहायता जैसे लाभ भी मिलते हैं।
