पीएम फसल बीमा योजना के तहत 78.41 करोड़ आवेदनों का हुआ बीमा, 1.83 लाख करोड़ रुपये के दावों का हुआ भुगतान

पीएमएफबीवाई बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक पूरे फसल चक्र को कवर करती है, जिसमें भंडारण के दौरान होने वाली क्षति भी शामिल है। योजना किसी आपदा के कारण हुई क्षति की स्थिति में समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे किसानों को जोखिमों का प्रबंधन करने और कर्ज में डूबने से बचने में मदद मिलती है।

लेटेस्ट सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2016 में शुरु हुई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के तहत अब तक 78.41 करोड़ आवेदनों का बीमा हुआ है और 1.83 लाख करोड़ रुपए के दावों का भुगतान हुआ है। किसानों का नामांकन 2022-23 के 3.17 करोड़ से 32 प्रतिशत बढ़कर 2024-25 में 4.19 करोड़ हो गया है, जो योजना की शुरुआत के बाद से सबसे अधिक है।

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PMFBY (फोटो - Canva)

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक 18 फरवरी, 2016 को शुरू की गई पीएमएफबीवाई का उद्देश्य किसानों को एक सरल, किफायती और व्यापक फसल बीमा समाधान प्रदान करना है। यह योजना किसानों को सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीटों के हमले और पौधों की बीमारियों जैसे अपरिहार्य प्राकृतिक जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान से बचाती है।

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