Travel Tips: हिमालय अपनी खूबसूरती, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों और शांत वादियों के लिए पूरी दुनिया में फेमस है। अनुमान के अनुसार, पूरे हिमालय क्षेत्र में हर साल 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से अधिक पर्यटक आते हैं। लेकिन सच ये भी है कि जितने ज्यादा टूरिस्ट बढ़ रहे हैं, उतना ही यहां का नेचर भी दबाव में आ रहा है। अगर हम जिम्मेदारी से ट्रैवल नहीं करेंगे, तो आने वाले समय में ये खूबसूरती धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम थोड़ा समझदारी दिखाएं और जिम्मेदार यात्रा का चुनाव करें। जिम्मेदार यात्रा क्यों जरूरी है इसे यहां डिटेल में समझाया गया है इसके अलावा लोकल को सपोर्ट करना और यात्रा के दौरान अन्य जरूरी बातों के बारे में यहां बताया गया है।
जिम्मेदार ट्रैवलर बनने के लिए ध्यान में रखें ये बातें
क्यों जरूरी है जिम्मेदार यात्रा?
हिमालय कोई आम जगह नहीं है, ये एक बहुत नाजुक इकोसिस्टम है। यहां का बैलेंस बहुत आसानी से बिगड़ सकता है। चाहे वो प्लास्टिक कचरे से हो या ज्यादा भीड़ से। इसलिए जब भी यहां जाएं, ये सोचकर जाएं कि आप वहां के गेस्ट हैं, मालिक नहीं।
जो लेकर जाओ, वापस भी लेकर आओ
सबसे आसान और जरूरी नियम। जो सामान आप अपने साथ लेकर जाते हैं, उसे वापस भी लेकर आएं। स्नैक्स के रैपर, पानी की बोतल, टिश्यू। ये सब पहाड़ों में फेंकना बहुत नुकसानदायक होता है, क्योंकि वहां कचरा मैनेजमेंट उतना अच्छा नहीं होता। एक छोटा सा कचरा बैग अपने साथ रखें और उसमें सब इकट्ठा करें।
प्लास्टिक को कहो ना
ट्रैवल पर निकलने से पहले ही थोड़ी प्लानिंग कर लो। री-यूजेबल पानी की बोतल साथ रखो। स्नैक्स को प्लास्टिक की जगह डिब्बों में पैक करो। इससे ना सिर्फ कचरा कम होगा, बल्कि आप खुद भी एक अच्छी आदत अपनाओगे।
लोकल में रहो, लोकल को सपोर्ट करो
होटल चुनते वक्त ध्यान रखें कि वो जगह लोकल लोगों को रोजगार देती हो और नेचर-फ्रेंडली हो। लोकल होमस्टे में रहोगे तो आपको असली पहाड़ी लाइफ का एक्सपीरियंस मिलेगा। घर का बना खाना, लोकल स्टोरीज और असली कनेक्शन।
भीड़ से बचो, सुकून को चुनो
आजकल कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा भीड़ हो जाती है। ऐसे में कोशिश करो कि थोड़ा ऑफबीट जाओ या अलग एक्टिविटीज करो। नेचर वॉक
बर्ड वॉचिंग, शांत जगहों पर टाइम बिताना आपको सुकून देगा। भीड़ से बचें और सुकून की तलाश करें।
