Musi Riverfront Tourist Hub: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तेलंगाना की ओर से बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद में मुसी रिवरफ्रंट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना की घोषणा कर दी है। ऐसे में इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि जल्द ही मुसी नदी के किनारे की ऐतिहासिक इमारतें एक पर्यटन केंद्र में बदल जाएंगी।
Musi Riverfront
इस परियोजना के तहत मुसी के किनारे के क्षेत्र और इमारतों को बहाल करने का काम किया जाएगा। ये मूल रूप से भूली हुई विरासत संरचनाएं हैं जिन्हें अब सरकार बहाल करने जा रही है। ये इमारतें लंबे समय से उपेक्षित पड़ी हैं और अब सरकार इन पर पूरा ध्यान देगी। मालूम हो कि इससे पहले ही कई प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का काम शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए उद्योगपतियों से भी हिस्सा बनने और इन विरासत स्थलों को संरक्षित करने का आह्वान किया है। ये इमारतें शहर की सांस्कृतिक महिमा को दर्शाती हैं ऐसे में इनके सरक्षण से पर्यटन में बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है। ऐसे कई निगम हैं जो हैदराबाद में पुनर्स्थापित करने की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे आए हैं ताकि इन्हें जल्द ही प्रमुख पर्यटन स्थलों में तब्दील किया जा सके।
इंफोसिस ने उस्मानिया विश्वविद्यालय में महलका बावड़ी की देखभाल करने का पक्का वादा किया है। साई लाइफ साइंसेज मंचिरेवुला बावड़ी पर ध्यान केंद्रित करेगी जबकि भारत बायोटेक सालार जंग और अम्मापल्ली कुओं का पर ध्यान देगी। सरकारी और निजी क्षेत्र द्वारा समर्थित, इन पुनर्स्थापनों का उद्देश्य हैदराबाद की भूली हुई विरासत को पुनर्जीवित करना है।
