Places To Visit in Prayagraj During Magh Mela: प्रयागराज, जिसे कुंभ नगरी के नाम से भी जाना जाता है, केवल संगम तक सीमित नहीं है। यहां लगने वाले माघ मेले के दौरान कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों की रौनक देखने को मिलती है। माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा, जिसमें लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ की उम्मीद है। इस लेख में, हम उन 5 प्रमुख स्थलों के बारे में जानेंगे जो माघ मेले के दौरान आपके अनुभव को और भी समृद्ध बनाएंगे। ये स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र हैं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी परिचय देते हैं।
प्रयागराज में घूमने की जगहें
1. त्रिवेणी संगम
प्रयागराज का त्रिवेणी संगम गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन स्थल है। यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है। माघ मेले के दौरान यहाँ की रौनक अद्भुत होती है। संगम में डुबकी लगाने से न केवल पाप धुलते हैं, बल्कि एक अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा भी मिलती है। संगम पर नाव की सवारी करना एक अनोखा अनुभव है, खासकर सूर्यास्त के समय।
चंद्रशेखर आजाद पार्क
2. चंद्रशेखर आजाद पार्क
यह पार्क शांति का एक द्वीप है, जहाँ आप महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की विशाल प्रतिमा के सामने बैठ सकते हैं। यहाँ की हरियाली और ठंडी हवा आपको सुकून देती है। यह जगह अपने देश के इतिहास को याद करने का एक आदर्श स्थान है।
3. ऑल सेंट्स कैथेड्रल
प्रयागराज का यह गिरजाघर अपनी बारीक नक्काशी और रंगीन कांच की खिड़कियों के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'पत्थर का गिरजाघर' भी कहा जाता है। यहाँ का शांत माहौल आपको एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है, जो शांति और सुकून का एहसास कराता है।
4. इलाहाबाद किला
मुगल बादशाह अकबर द्वारा निर्मित यह किला 16वीं शताब्दी की भव्यता का प्रतीक है। किले की ऊँची दीवारें और 'सरस्वती कूप' यहाँ के इतिहास की कहानी सुनाती हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह स्थल अवश्य देखने योग्य है।
आनंद भवन
5. आनंद भवन
नेहरू-गांधी परिवार का पैतृक घर, आनंद भवन अब एक संग्रहालय में परिवर्तित हो चुका है। यहाँ रखे गए दस्तावेज और तस्वीरें भारत की आजादी की लड़ाई की गाथा बयां करती हैं। यह जगह न केवल एक इमारत है, बल्कि देश के राजनीतिक इतिहास को समझने का एक बड़ा अवसर भी है।
