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ये यात्रा तो Spookie है... क्या है पैरानॉर्मल टूरिज्म, क्यों बढ़ रहा इसका क्रेज, कहां 'डर की खोज' में निकल रहे हैं टूरिस्ट

paranormal tourism kya hai: ट्रैवल कोई सुकून के लिए करता है तो कोई प्रकृति की खूबसूरती को निहारने के लिए। किसी के पास जगहों को एक्सप्लोर करने का कारण होता है। लेकिन क्या हो - अगर कोई डर का रोमांच महसूस करने के लिए ही बैग पैक करने घूमने जा रहा हो। यात्रा के इसी अंदाज को पैरानॉर्मल टूरिज्म का नाम दिया गया है। जानें इसके बारे में कि आखिर क्यों डर के खोजी बन रहे हैं पर्यटक।

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Paranormal Tourism (photo: canva)
Authored by: प्रभात शर्मा
Updated Sep 28, 2025, 14:11 IST
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Paranormal tourism kya hai: आज के समय में यात्रा करना ना केवल मनोरंजन का माध्यम है बल्कि यह आपके ज्ञान में भी काफी इजाफा करता है। घुमक्कड़ लोग नई और यूनीक जगह पर जाना और एक्सप्लोर करना बेहद पसंद करते हैं। घूमने-फिरने से जुड़े नए ट्रेंड सोशल मीडिया पर आए दिन देखने को मिलते हैं। इसी कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं पैरानॉर्मल टूरिज्म (Paranormal Tourism) की। पैरानॉर्मल टूरिज्म में लोग उन जगहों की यात्रा करना पसंद करते हैं जहां भूतिया या अलौकिक घटनाओं का अनुभव किया जा सके। मौजूदा समय में पैरानॉर्मल टूरिज्म का क्रेज चरम पर है ऐसा कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा क्योंकि अब डरावनी कहानियां सिर्फ किताबों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कुछ जगहों पर इसे वैज्ञानिक उपकरणों के माध्यम से महसूस भी किया जा सकता है।

टूरिज्म का नया रूप

पैरानॉर्मल टूरिज्म बिल्कुल ही नया और विशेष प्रकार का टूरिज्म है जो मुख्य रूप से इतिहास, रहस्यों और अलौकिक अनुभवों को खोजने पर फोकस करता है। पुरानी हवेलियां, किले, महल और सुनसान जंगल जैसे स्थान इसमें शामिल होते हैं। सीधे शब्दों में समझें तो इसके तहत पर्यटक उन स्थानों की यात्रा करते हैं जहां भूत-प्रेत, भयानक घटनाओं या अजीबोगरीब गतिविधियों के होने की मान्यता है।

paranormal tourism

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पैरानॉर्मल टूरिज्म का क्यों बढ़ रहा है क्रेज?

पैरानॉर्मल टूरिज्म एक्सट्रीम एडवेंचर है। पैरानॉर्मल टूरिज्म के बढ़ते क्रेज का बड़ा कारण रोमांच और एडवेंचर की तलाश से ही जुड़ा है। नए और यूनीक अनुभवों के साथ ही युवा वर्ग के लोगों को रोमांच की तलाश होती है जो उन्हें पारंपरिक पर्यटन से हटकर पैरानॉर्मल टूरिज्म की ओर मोड़ रही है। डरावनी और रहस्यमयी जगहों पर जाना उन्हें डर के साथ-साथ उत्साह का अहसास कराता है। युवाओं में इस क्रेज के डेवलप होने के कुछ अन्य कारण पर भी नजर डालते हैं-

1 ) सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया का प्रभाव (इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पैरानॉर्मल टूरिज्म के वीडियो बहुत वायरल होते हैं)

2) दोस्तों के साथ अनोखा अनुभव शेयर करना (दोस्तों के साथ रोमांचक जगह को एक्सप्लोर करना मजेदार और यादगार पल बन जाता है)

3) अनजाने की जिज्ञासा (अज्ञात और रहस्यमयी चीजें युवा वर्ग को खासा आकर्षित करती हैं)

भारत में प्रमुख पैरानॉर्मल टूरिज्म स्पॉट्स

भानगढ़ किला

भारत का सबसे फेमस भूतिया स्पॉट भानगढ़ किला दुनिया का सबसे डरावना स्थान भी है। भानगढ़ किले से जुड़ी भूत-प्रेत के दर्शन की तमाम कहानियां सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। कई पर्यटक और शोधकर्ताओं द्वारा यहां अजीबोगरीब आवाजें, छाया और आत्माओं के दर्शन का दावा किया जा चुका है। सरकार ने रात में यहां जाने पर बैन लगाया हुआ है।

विशेष आकर्षण: प्राचीन मंदिर, किले की वास्तुकला और आसपास का जंगल।

लोकेशन: अलवर जिला, राजस्थान

Bhangarh Fort (pic: pinterest)

Bhangarh Fort (pic: pinterest)

कुलधरा गांव

वीरान गांव कुलधरा भूतिया कहानियों और रहस्यमयी इतिहास के लिए फेमस है। भारत का सबसे भूतिया गांव कुलधरा ना केवल भारतीय पर्यटकों को बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी खासा आकर्षित करता है। सदियों से खाली पड़े इस गांव के खंडहर आज भी लोगों को अजीब-अजीब अनुभव कराते हैं। कहा जाता है कि इस गांव में रात के समय अजीब आवाजें आती हैं। कई पर्यटक और शोधकर्ता कुलधरा गांव आए और यात्रा के दौरान उन्हें भयावह अनुभव हुआ।

विशेष आकर्षण: रहस्यमयी खंडहर, पालीवाल ब्राह्मणों का इतिहास, राजस्थानी वास्तुकला का नजारा।

लोकेशन: जैसलमेर, राजस्थान

kuldhara village (pic: pinterest)

kuldhara village (pic: pinterest)

डाउ हिल फॉरेस्ट

पश्चिम बंगाल के कुर्सियांग हिल स्टेशन का एक हिस्सा डाउ हिल फॉरेस्ट भूतिया माना जाता है। दार्जिलिंग से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर ये स्थित है। भारत के सबसे भूतिया स्थानों में इसकी गिनती होती है। ऐसी मान्यताएं हैं कि शाम होते ही यहां अजीब आवाजें आने लगती हैं। कुछ लोग इस जगह को इतना भयानक मानते हैं कि वे दिन के उजाले में भी यहां जाने से डरते हैं।

लोकेशन: दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल

विशेष आकर्षण: सुंदर हिल स्टेशन और जंगल की प्राकृतिक सुंदरता।

Dow hill forest (pic: pinterest)

Dow hill forest (pic: pinterest)

डुमास बीच

गुजरात के सूरत के पास स्थित डुमास बीच लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। अनोखी काली रेत और भूतिया जगह के रूप में इसकी पहचान है। स्थानीय लोककथाओं में इससे जुड़ी हैरान करे देने वाली कहाानियां सुनने को मिलती हैं। ऐतिहासिक रूप से, डुमास बीच एक कब्रिस्तान हुआ करता था। स्थानीय लोगों का मानना है कि आज भी यहां दाह संस्कार किए गए लोगों की आत्माएं भटकती हैं। इससे जुड़ी अलौकिक गतिविधियों की कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं जिसमें पर्यटकों ने भयावह अनुभवों का वर्णन किया है।

लोकेशन: गुजरात, सूरत से लगभग 21 किलोमीटर दूर।

विशेष आकर्षण: काली रेत और सूर्यास्त का दृश्य।

dumas beach (pic: pinterest)

dumas beach (pic: pinterest)

अग्रसेन की बावली

दिल्ली में स्थित, प्राचीन सीढ़ीनुमा कुआं 'अग्रसेन की बावली' का ऐतिहासिक महत्व है। अग्रसेन की बावली का इतिहास बेहद प्राचीन है और इससे कई डरावनी कहानियां जुड़ी हुई हैं। माना जाता है कि इसके काले पानी में लोगों को आत्महत्या के लिए आकर्षित करने की रहस्यमयी शक्तियां थीं।

लोकेशन: नई दिल्ली-कनॉट प्लेस के पास, हैली रोड पर यह स्थित है।

विशेष आकर्षण: शांत और विचित्र वास्तुकला

Ugrasen ki Baoli (pic: pinterest)

Ugrasen ki Baoli (pic: pinterest)

भारत के अन्य पैरानॉर्मल टूरिज्म स्पॉट्स

  • शनिवार वाड़ा, पुणे
  • गोलकुंडा किला, हैदराबाद
  • लक्किडी गेटवे, वायनाड, केरल
  • दिलवाड़ा मंदिर, राजस्थान
  • कैम्पबेल हाउस, मुंबई

दुनिया के प्रमुख पैरानॉर्मल टूरिज्म स्पॉट्स

  • अमिटीविले (Amityville), न्यूयॉर्क, USA
  • प्रीमॉन्ट्री एबे, फ्रांस
  • एडिनबर्ग किला, स्कॉटलैंड
  • चर्नोबिल, यूक्रेन
  • हिल हाउस, स्कॉटलैंड

पैरानॉर्मल टूरिज्म का अनुभव कैसे करें

गाइडेड टूर: कई कंपनियां इन स्थानों पर 'गोस्ट टूर' या 'हॉन्टेड वॉक' की पेशकश करती हैं। यात्रा के दौरान आप किसी विशेषज्ञ व्यक्ति की निगरानी में इन जगहों पर जाकर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पैरानॉर्मल इनवेस्टिगेशन: कई कंपनियां पैरानॉर्मल इनवेस्टिगेशन पर भी फोकस करती हैं। इस दौरान पेशेवर या विशेषज्ञ व्यक्ति की देखरेख में आप भी उनकी अलौकिक जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

पैरानॉर्मल टूरिज्म में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी

सिर्फ कहानियों तक पैरानॉर्मल टूरिज्म सीमित नहीं है। शोधकर्ता और पर्यटक इन अनुभवों को प्रमाणित करने के लिए तकनीक का सहारा लेते हैं, जैसे:

  • इलेक्ट्रॉनिक वॉयस फेनोमेना (अलौकिक आवाजें रिकॉर्ड करती है)
  • मोशन डिटेक्टर (अप्राकृतिक गतिविधि को ट्रैक करता है)
  • इन्फ्रारेड कैमरे (रात के अंधेरे में भी किसी भी एक्टिविटी को रिकॉर्ड करता है)
  • EMF डिटेक्टर (अलौकिक ऊर्जा के उतार-चढ़ाव का पता लगाता है)

पैरानॉर्मल टूरिज्म करते समय सावधानियां

  • अनुभवी गाइड के साथ ही यात्रा का प्लान करें।
  • अकेले जाने से बचें ग्रुप में ट्रैवल करना सुरक्षित होता है।
  • स्थानीय नियमों और रीति-रिवाजों का सम्मान करें।
  • यात्रा से पहले उपकरणों की अच्छी जांच करें।
  • यात्रा के दौरान संयम बनाए रखें और सतर्क रहें।

पैरानॉर्मल टूरिज्म का भविष्य

तकनीकी उपकरणों के विकास और युवाओं के इस क्षेत्र में और भी ज्यादा रुचि बढ़ने से पैरानॉर्मल टूरिज्म और अधिक वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से डेवलप हो सकता है। इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि सिर्फ मनोरंजन या रोमांच के तौर पर नहीं बल्कि शोध और अध्ययनों के लिए भी ये अहम साबित होगा।

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