Khajuraho Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के दिल में बसा खजुराहो सिर्फ एक आम पर्यटक स्थल नहीं है। खजुराहो एक ऐसी जगह है जिसे मंदिरों का घर कहते हैं। यहां का माहौल पूरी तरह से जादू से बना प्रतीत होता है। अद्भुत हिंदू और जैन मंदिरों के लिए जाना जाने वाला खजुराहो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है। कला, आध्यात्मिकता और इतिहास का अनोखा मिश्रण देखने के लिए पर्यटकों को अपनी बकेटलिस्ट में इस प्राचीन स्थल को शामिल करना ही चाहिए।
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चाहे आप वास्तुकला के शौकीन हों, इतिहास के शौकीन हों या फिर किसी अनोखे, विस्मयकारी रोमांच की तलाश में हो, खजुराहो में सबके लिए कुछ ना कुछ जरूर है। खजुराहो आपको भारत के स्वर्ण युग की यात्रा पर ले जाएगा।
चंदेल राजवंश द्वारा 950 और 1050 ई. के बीच खजुराहो के मंदिरों का निर्माण करवाया गया था उस वक्त यहां मंदिरों की संख्या 85 थी। आज की बात करें तो करीब 20 मंदिर अभी भी खड़े हैं, जिनमें से हर एक पत्थर की कृति बेहद शानदार है।
खजुराहो मंदिर अपनी विस्तृत मूर्तियों के लिए फेमस है, जो पौराणिक कथाओं से लेकर आध्यात्मिकता तक सब कुछ अपने आप में समेटे हुए है। यहां की नक्काशी ज्यादातर जीवन का जश्न मनाती है - योद्धाओं, नर्तकियों, संगीतकारों और देवताओं को इतनी बारीकी से उकेरा गया है जिसे देखकर ऐसा लगता है कि वे किसी भी क्षण पत्थर से बाहर आ सकते हैं।
वैसे तो खजुराहो साल भर जादुई रहता है, लेकिन यहां आने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच है। खजुराहो में एक घरेलू एयरपोर्ट है, जहां से दिल्ली और वाराणसी के लिए नियमित सेवाएं उपलब्ध हैं। रेल मार्ग से- खजुराहो रेलवे स्टेशन शहर को झांसी, दिल्ली और भोपाल जैसे आस-पास के बड़े शहरों से जोड़ता है।
