Magh Mela 2026 Travel Guide: प्रयागराज में माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से 15 फरवरी तक होगा। यह मेला हर साल की तरह इस बार भी तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करेगा। माघ मेला, महाकुंभ मेला की तैयारी में 45 दिनों तक चलता है, और यह गंगा, यमुना और काल्पनिक सरस्वती नदियों के संगम पर आयोजित होता है। प्रयागराज का माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक अनुशासन का प्रतीक है।। यहां कुछ प्रमुख स्थलों की जानकारी दी जा रही है, जो आपके यात्रा के दौरान देखने लायक हैं।
माघ मेला 2026 के बहाने प्रयागराज दर्शन
1. इलाहाबाद किला और अक्षयवट: यह किला सम्राट अकबर द्वारा 1583 में बनाया गया था। यहां का अक्षयवट, जो एक प्राचीन पीपल का पेड़ है, को अमर माना जाता है। इस पेड़ के नीचे भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने विश्राम किया था।
2. लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर: यह मंदिर संगम के निकट स्थित है और यहां भगवान हनुमान की एक अद्वितीय सोने की मूर्ति है, जो लेटे हुए अवस्था में है। भक्तों का मानना है कि यह मूर्ति समय के साथ धीरे-धीरे जमीन में धंसती है।
3. आलोपि देवी मंदिर: यह एक अनोखा शक्ति पीठ है जहां कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक पालना है। यहां पर देवी आलोपि की पूजा की जाती है, जो अदृश्यता का प्रतीक है।
4. खुसरो बाग: यह एक खूबसूरत मुगल बाग है, जिसमें सम्राट जहांगीर के परिवार के मकबरे हैं। यहां की वास्तुकला और नक्काशी भारत में अद्वितीय मानी जाती है।
5. चंद्रशेखर आजाद पार्क: यह पार्क स्वतंत्रता संग्राम के नायक चंद्रशेखर आजाद के बलिदान का गवाह है। यहां पर उनकी स्मृति में एक स्मारक भी है।
6. आनंद भवन: यह नेहरू परिवार का निवास था, जिसे अब एक संग्रहालय में बदल दिया गया है। यहां स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित कई ऐतिहासिक वस्तुएं और दस्तावेज प्रदर्शित हैं।
बता दें कि प्रयागराज में माघ मेला 2026 के लिए तैयारियांMagh Mela, Magh Mela 2026, Travel Guide, Magh Mela Travel Guide, Prayagraj, Prayagraj tourist places, Prayagraj tourismजोर-शोर से चल रही हैं। प्रशासन ने मेला क्षेत्र का विस्तार कर 800 हेक्टेयर किया है और भीड़ को संभालने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बार, 15 करोड़ से अधिक लोगों के आने की उम्मीद है, विशेषकर मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण स्नान दिनों पर। इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बिजली, पानी और यातायात की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और अन्य निगरानी प्रणालियाँ स्थापित की जा रही हैं।
