Gwalior Mein Ghumne Ki Jagah (Places to visit in Gwalior): संगीत प्रेमी हैं और अभी तक ग्वालियर नहीं गए तो यहां घूमने का प्लान आपको जल्द ही बनाना चाहिए। यह प्रसिद्ध संगीतज्ञ तानसेन की जन्म स्थली है और देश की एक विशिष्ट ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी भी। इस शहर की स्थापना राजा सूरज सेन ने की थी। यहां आने पर आपको संगीत, आर्किटेक्चर और स्वादिष्ट भोजन का एक अनूठा मेल मिलेगा।
ग्वालियर में क्या क्या देख सकते हैं
ग्वालियर में घूमने की जगह कौन कौन सी हैं
1. ग्वालियर किला
यह किला 10वीं सदी से अस्तित्व में हैं इसमें कई महल जैसे कि मान मंदिर, गुजारी महल, करन, विक्रम आदि प्रसिद्ध हैं। यहां 15वीं‑16वीं सदी की जैन मूर्तियां भी रखी गई हैं। इनको आप सिद्धाचल एवं गोपाचल की गुफाओं में देख सकते हैं। इस किले को ठीक से देखने के लिए आपको 5 से 6 घंटे का समय चाहिए होगा।
2. जय विलास महल
ये भव्य महल 1874 में बना था। इसकी इटैलियन शैली इसे खास बनाती है। अब यहां आप इतिहास को दर्शाता एक संग्रहालय भी देख सकते हैं।
3. गुजरी महल
ग्वालियर के इतिहास को देखना हो तो इस संग्रहालय में जरूर आएं। यह प्राचीन मूर्तियों से समृद्ध है और देश के समृद्ध इतिहास की झलक दिखाता है।
4. सास‑बहू मंदिर
इस मंदिर का असली नाम सहस्त्रबाहु मंदिर है जो भगवान विष्णु के हजार भुजाओं वाले रूप को समर्पित है। इसे 11वीं शताब्दी में कच्छपघात वंश के राजा महिपाल ने बनवाया था।
5. तेली का मंदिर
लगभग 100 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह ग्वालियर किले का सबसे ऊंचा मंदिर है। मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है, लेकिन इसमें शिव और देवी के प्रतीक भी मिलते हैं। यह मंदिर 8वीं-9वीं शताब्दी का है और इसमें उत्तर भारतीय नागर और द्रविड़ स्थापत्य शैलियों का मिश्रण है।
ग्वालियर में और क्या देख सकते हैं
ग्वालियर में किला, सास बहू मंदिर, गुजरी महल, तेली मंदिर के अलावा आप कोणार्क शैली में बना सूर्य मंदिर, तानसेन का मकबरा, मोहम्मद गौस का मकबरा, महाराज बड़ा, और ग्वालियर चिड़ियाघर भी देख सकते हैं। श्याम वाटिका में विश्व की सबसे बड़ी इनडोर म्यूरल कला देखी जा सकती है।
ग्वालियर घूमने के लिए कितने दिन लगते हैं
अगर आप एक दिन का प्लान बना रहे हैं तो किला, सास‑बहू या तेली मंदिर, सूर्य मंदिर और एक मकबरा घूम सकते हैं। दो दिन का समय निकालें तो जय विलास महल और गुजरी महल भी कवर हो जाएंगे। प्लान तीन दिन का हो तो पास में झांसी भी घूमा जा सकता है।
ग्वालियर कैसे पहुंच सकते हैं
हवाई मार्ग: ग्वालियर का अपना एयरपोर्ट है जो दिल्ली, मुंबई और भोपाल से जुड़ा है। शहर से इसकी दूरी लगभग 13‑16 किमी है।
रेल मार्ग: ग्वालियर जंक्शन से दिल्ली‑अगरा, मुंबई, चेन्नई नियमित एक्सप्रेस ट्रेनें उपलब्ध हैं।
सड़क मार्ग: यह शहर राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है। दिल्ली से लगभग चार घंटे और आगरा से 1‑1.5 घंटे की दूरी पर है।
ग्वालियर घूमने का बेस्ट समय कौन सा है
ग्वालियर आने का बेस्ट टाइम अक्टूबर से मार्च के मध्य है जब मौसम ठंडा व घूमने‑फिरने के लिए आरामदायक होता है।
