बिहार के गांवों और जंगलों में ऐसी कई लोककथाएं आज भी जिंदा हैं, जिनका रिश्ता स्थानीय आस्था और परंपराओं से है। पटना के पास बिहटा में स्थित मां वन देवी मंदिर भी ऐसी ही जगह है। कई सदियों पुरानी बताई जाने वाली इस जगह की लोककथा अब बड़े पर्दे तक पहुंच गई है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द व्वान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी इसी मंदिर से जुड़ी है।
पटना जाएं तो वन देवी मंदिर जाना ना भूलें (AI Generated and News Room verified image)
पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर है मंदिर
मां वन देवी मंदिर पटना जिले के बिहटा के पास स्थित है। यह अमहरा, रघोपुर और कंचनपुर गांवों के मिलने वाले इलाके के करीब है। आज मंदिर के आसपास ग्रामीण इलाका है, लेकिन स्थानीय परंपराओं के मुताबिक कभी यहां घना जंगल हुआ करता था। दूसरे बड़े मंदिरों की तरह यहां कोई विशाल इमारत या भव्य प्रतिमा नजर नहीं आती। वन देवी की पूजा यहां एक पवित्र पिंड के रूप में की जाती है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार वन देवी का संबंध विंध्याचल की मां विंध्यवासिनी से भी जोड़ा जाता है।
सदियों पुरानी बताई जाती है कहानी
मंदिर की शुरुआत को लेकर स्थानीय मान्यताओं में अलग-अलग बातें मिलती हैं। आम तौर पर इसे करीब 16वीं सदी से जोड़ा जाता है। हालांकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं मिलता है।16वीं सदी वाली बात को मंदिर की मौखिक परंपरा के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा। पीढ़ियों से चली आ रही कहानियों ने इस जगह को स्थानीय आस्था में खास बना दिया है।
सूरज ढलने के बाद जंगल में जाना था मना
मंदिर से जुड़ी सबसे दिलचस्प लोककथा जंगल को लेकर है। स्थानीय लोगों के बीच यह परंपरा रही है कि सूरज ढलने के बाद जंगल में नहीं जाना चाहिए। कहा जाता था कि रात के समय जंगल में कुछ ऐसी चीजें थीं, जिनसे लोग परेशान होते थे। समय के साथ यह बात एक लोकविश्वास का हिस्सा बन गई और पीढ़ियों तक लोगों को सुनाई जाती रही।
यहीं से निकली ‘द व्वान’ की कहानी
फिल्म के लेखक अरुणाभ कुमार इस मंदिर तक पहुंचे और उन्होंने स्थानीय लोगों, पुजारियों और गांववालों से बातचीत की। मंदिर से जुड़ी कहानी उन्हें इतनी दिलचस्प लगी कि उन्होंने इसे निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा के साथ साझा किया। इसके बाद यही लोककथा फिल्म की कहानी का शुरुआती आधार बनी। यानी ‘द व्वान’ की जड़ें किसी काल्पनिक विदेशी दुनिया में नहीं, बल्कि बिहार की एक स्थानीय लोकपरंपरा में हैं।
क्यों खास है ये जगह
वन देवी मंदिर के आसपास आपको बतौर यात्री बहुत ज्यादा सुविधाएं तो नहीं मिलेंगी, लेकिन अनुभव ऐसा मिलेगा जो आपको लंबे समय तक याद रह सकता है। यहां आस्था, मान्यता, गांव की जिंदगी और लोककथाएं एक-दूसरे में घुली-मिली हुई हैं। यही इसे बिहार के खास पर्यटन स्थलों में शामिल करता है। इस जगह में कुछ तो खास है कि अब बिहटा का यह छोटा सा मंदिर बड़े पर्दे की कहानी का हिस्सा बन गया है।
