Momos Worth Rs 60000 For Zomato: मोमोज का हर कोई दीवाना है। मोमोज भारत लगभग हर शहर में मिल जाता है। लेकिन क्या हो कि आपको मोमोज के लिए 60 हजार रुपये चुकाने पड़ें? और वो भी तब जब आपने मोमोज खाए भी न हों। मोमोज के लिए 60,000 रुपये किसी ग्राहक ने नहीं बल्कि फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी जोमैटो (Zomato) को चुकाने पड़ रहे हैं। जी हां! कर्नाटक की एक अदालत ने जोमैटो को 133 रुपये के मोमोज न देने पर एक महिला को 60,000 रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
Zomato momos
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जोमैटो पर क्यों लगा जुर्माना?
दरअसल, जोमैटो को मोमोज की डिलीवरी नहीं करने पर जुर्माना लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के धारवाड़ की शीतल नाम की एक महिला ने पिछले साल 31 अगस्त को जोमैटो से मोमोज ऑर्डर किए और गूगल पे के जरिए 133.25 रुपये का बिल चुकाया। ऑर्डर देने के 15 मिनट बाद ही जोमैटो ऐप पर दिखा कि ऑर्डर डिलीवर हो गया है। लेकिन, शीतल को ऑर्डर नहीं मिला और कोई डिलीवरी एजेंट उनके एड्रेस पर भी नहीं आया था।
बाद में, शीतल ने रेस्टोरेंट से इस बार में बात की। जिस पर उन्हें बताया गया कि जोमैटो का ऑर्डर रेस्टोरेंट से ही लिया गया था। उसने वेबसाइट की मदद से डिलीवरी एजेंट से संपर्क करने की भी कोशिश की, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद शीतल ने ईमेल के जरिए जोमैटो से इसकी शिकायत की तो कंपनी ने 72 घंटे तक इंतजार करने के लिए कहा।
मानसिक पीड़ा के लिए लगाया जुर्माना
इस पूरे मामले के करीब 13 दिन बाद शीतल ने 13 सितंबर, 2023 को कंपनी को कानूनी नोटिस दिया। अदालत ने कंपनी को शिकायतकर्ता की शिकायत पर ध्यान देने के लिए 72 घंटे का समय दिया। शीतल ने बताया कि कंपनी ने 2 मई, 2024 को उसे 133.25 रुपये वापस कर दिए। आयोग ने तब कहा कि इससे पता चलता है कि जोमैटो ने सर्विस में कमी की है, जिससे शिकायतकर्ता को असुविधा और मानसिक पीड़ा हुई है। कोर्ट ने जोमैटो को शीतल को हुई असुविधा के लिए मुआवजे के रूप में 50,000 रुपये और मुकदमे की लागत के लिए 10,000 रुपये देने का आदेश दिया।
इंटरनेट पर आए रिएक्शन मजेदार
इंटरनेट पर इस मामले पर मजेदार रिएक्शन आ रहे हैं। X पर एक यूजर ने लिखा, "उन्हें उस कीमत के मोमोज भेजने चाहिए" जबकि दूसरे ने लिखा, "ये अब तक के सबसे महंगे मोमोज होंगे! जोमैटो को ₹133 के ऑर्डर के लिए ₹60,000 का भुगतान करने का आदेश दिया गया।"
