YouTube दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है। जहां कुछ समय पहले यूट्यूब सिर्फ एंटरटेनमेंट का साधन है वहीं आज यह लाखों करोड़ों लोगों की कमाई का भी प्रमुख जरिया बन चुका है। अगर आप यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर हैं तो आपके लिए काम की खबर है। दरअसल YouTube अपनी मोनेटाइजेशन पॉलिसी को अपेडट कर रहा है जिसका सीधा असर कई सारे क्रिएटर्स पर पड़ने वाला है।
यूट्यूब अपने पॉर्टनर प्रोग्राम पॉलिसी में करने जा रहा है बड़ा बदलाव।
अगर आप यूट्यूब पर वीडियो क्रिएट करके अपलोड करते हैं तो आपको नए नियम के बारे में जरूर जानना चाहिए। YoTube आज के समय में पूरी तरह से एक ओपन सोर्स है। इसमें कोई भी व्यक्ति वीडियो अपलोड करके कमाई कर सकता है। हालांकि इसके लिए आपको यूट्यूब की गाइडलाइन्स को फॉलो करना जरूरी है।
पॉर्टनर प्रोग्राम की पॉलिसी में होगा बदलाव
YouTube आज हमारी लाइफ का अहम हिस्सा बन चुका है। जब भी हमें कोई नई चीज के बारे में जानना होता है या फिर एंटरटेनमेंट करना होता है तो हम यूट्यूब ओपन करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि हमें यूट्यूब पर एक जैसे ही कंटेंट देखने को मिलते हैं। अब इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी अपने पॉर्टनर प्रोग्राम की पॉलिसी में बदलाव करने जा रही है जो कि 15 जुलाई 2025 से लागू होगी।
ऐसे कंटेंट में कमाई होगी कम
कंपनी अपने पॉर्टनर प्रोग्राम के नियमों को पहले से ज्यादा सख्त करने जा रही है। नए नियम के मुताबिक रिपिटेटिव, मास प्रोड्यूस्ड और इनऑथेंटिक कंटेंट्स पर अब ऐड रेवन्यू कम मिलेगा। इस बदलाव से दुनियाभर के लाखों क्रिएटर्स की कमाई पर सीधा असर पड़ने वाला है। इसके अलावा यूट्यूब ने एआई की मदद से बनाए गए लो क्वालिटी की वीडियो और स्पैम वीडियो पर भी सख्ती बरतने का भी फैसला लिया है। यूट्यूब अब उन वीडियो पर ऐड रेवेन्यू कम करेगा जो बिना मेहनत वाली वीडियो हैं।
चैनल मोनेटाइज करने की ये हैं शर्तें
हालांकि अच्छी बात यह है कि यूट्यूब ने मोनेटाइजेशन की पॉलिसी में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है। अगर आप कोई नया चैनल क्रिएट करते हैं तो उसे मोनेटाइज करने के लिए आपके पास 1000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स और एक साल के अंदर 4000 घंटे का वॉच टाइम होना चाहिए। इसके अलावा अगर आप शॉर्ट वीडियो बनाते हैं तो चैनल मोनेटाइज करने के लिए 90 दिनों के अंदर एक करोड़ व्यूज होना जरूरी है।
