क्या होता है डेटा सेंटर, जिनके लिए टेक कंपनियां अरबों डॉलर करती हैं खर्च, आसान भाषा में समझें

डेटा सेंटर कई प्रकार के होते हैं और उनकी सेवाओं का मॉडल अलग-अलग हो सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि डेटा सेंटर किसके स्वामित्व में है, अन्य डेटा सेंटर टोपोलॉजी में इसका क्या स्थान है, कौन सी तकनीकें उपयोग की जाती हैं और इसकी ऊर्जा दक्षता कैसी है।

अमेरिकी दिग्गज टेक कंपनी गूगल ने अगले पांच वर्ष में विशाखापत्तनम में एक कृत्रिम मेधा (एआई) केंद्र स्थापित करने के लिए 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का ऐलान आज ही किया है। इसमें अदाणी समूह के साथ साझेदारी में देश का सबसे बड़ा डेटा सेंटर भी बनाया जाएगा। दुनिया में जिस तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बढ़ रहा है, उसी तेजी से डेटा सेंटर की मांग हो रही है। इसके चलते दुनिया भर की टेक्नोलॉजी कंपनियां बड़े-बड़े डेटा सेंटर पर अरबों डॉलर निवेश कर रही है। ऐसे में आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि यह डेटा सेंटर क्या होता है, जिसपर दुनियाभर की टेक कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही है। आइए आपको बताते हैं।

डेटा सेंटर

डेटा सेंटर

क्या होता है डेटा सेंटर?

सरल शब्दों में, डेटा सेंटर एक ऐसी फिजिकल सुविधा है जिसका उपयोग टेक कंपनियां अपने महत्वपूर्ण एप्लिकेशन और डेटा को संग्रहीत करने के लिए करती है। डेटा सेंटर का डिजाइन कंप्यूटिंग और स्टोरेज संसाधनों के एक नेटवर्क पर आधारित होता है जो साझा एप्लिकेशन और डेटा की डिलीवरी को सक्षम बनाता है। डेटा सेंटर डिजाइन के प्रमुख घटकों में राउटर, स्विच, फायरवॉल, स्टोरेज सिस्टम, सर्वर और एप्लिकेशन डिलीवरी कंट्रोलर शामिल होते हैं।

End of Feed