AI का इस्तेमाल करने वाले हो जाएं अलर्ट! 10 मिनट का इस्तेमाल भी सोचने-समझने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने हमारे कई सारे काम को आसान किया है लेकिन अब इसको लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। एक रिसर्च में सामने आया है कि एआई का 10 मिनट इस्तेमाल करना भी आपके सोचने की क्षमता को सीमित कर सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कई चीजों को आसान बना रहा है। अगर आपके पास नए आइडियाज की कमी हो रही है, तो अब एक से बढ़कर एक एआई टूल्स हैं जो किसी भी टॉपिक पर कुछ ही सेकंड में ढेरों आडियाज आपको दे देंगे। पिछले कुछ सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जमकर बढ़ा है। बच्चों से लेकर युवा और प्रोफेशनल्स अपनी डेली रूटीन लाइफ के कई कामों में एआई की मदद ले रहे हैं। एआई धीरे-धीरे हमारी बेसिक जरूरत बनता जा रहा है लेकिन इस बीच इसको लेकर एक हैरान करने वाली रिसर्च सामने आई है। कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स ने AI टूल्स पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने के नुकसान भी दिखाए हैं, इसके बावजूद ChatGPT, Claude और Gemini जैसे ऐप्स के यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। AI टूल्स के बढ़ते दायरे के बीच, एक नई रिसर्च इंसानी दिमाग पर इसके असर को लेकर चेतावनी दे रही है।

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एआई का कुछ मिनट का इस्तेमाल भी आपके सोचने की क्षमता पर असर डाल सकता है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स के शोधकर्ताओं का कहना है कि AI का सिर्फ 10 मिनट का इस्तेमाल भी आपकी सोचने की क्षमता पर असर डाल सकता है। इस स्टडी में पाया गया कि AI का बहुत कम समय के लिए किया गया इस्तेमाल भी, किसी यूजर की सोचने और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता पर काफी बुरा असर डाल सकता है।

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