अमेरिका-चीन के बीच 'AI हॉटलाइन' का प्रस्ताव, जानें क्या है यह सिस्टम और क्यों है जरूरी?

अमेरिका चाहता है कि दोनों देश AI से जुड़े खतरों और जोखिमों पर बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे को चेतावनी दें। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि दुनिया की दो बड़ी AI ताकतों के बीच पारदर्शिता बढ़ाना जरूरी है।

अमेरिका और चीन के बीच AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच अमेरिका ने चीन के सामने एक ऐसा सिस्टम बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके जरिए दोनों देश AI से जुड़ी किसी बड़ी और खतरनाक घटना की जानकारी एक-दूसरे को तुरंत दे सकें। इसे फिलहाल 'AI हॉटलाइन' कहा जा रहा है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि यह कोई सीधी फोन लाइन ही हो। असल में यह एक तरह का 'नोटिफिकेशन सिस्टम या इमरजेंसी कम्युनिकेशन चैनल' हो सकता है।

US China AI New

अमेरिका चाहता है कि दोनों देश AI से जुड़े खतरों और जोखिमों पर बातचीत करें । (AI Image/ News Room Verified)

इस प्रस्ताव पर रविवार को न्यूयॉर्क में अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट और चीन के वाइस प्रीमियर हे लिफेंग के बीच बातचीत हुई। यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की प्रस्तावित मुलाकात से पहले हुई। दोनों देशों के नेता AI को लेकर एक बड़े स्तर की बातचीत की कर सकते हैं।

End of Feed