TRAI: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए उन एसएमएस (मैसेज) के ट्रांसमिशन की जांच करने की समयसीमा एक महीने बढ़ाकर एक अक्टूबर कर दी है, जिनमें वेब लिंक शामिल हैं और जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं। ट्राई ने उन सभी वेब लिंक या ऐप डाउनलोड लिंक वाले सभी मैसेजों को ब्लॉक करने के लिए एक सितंबर की समयसीमा तय की थी, जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं।
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नियामक ने कहा कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा अतिरिक्त समय के अनुरोध के जवाब में एक महीने का विस्तार दिया गया है। बयान में कहा गया, ‘‘ ट्राई ने यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक को व्हाइटलिस्ट में डालने के संबंध में 20 अगस्त, 2024 को जारी अपने निर्देश का पालन करने के लिए एक्सेस प्रोवाइडर को एक महीने का विस्तार दिया है।
अक्टूबर, 2024 से लागू होंगे नियम
संशोधित निर्देश में कहा गया है कि सभी एक्सेस प्रोवाइडर यह सुनिश्चित करें कि यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक वाले ‘ट्रैफिक’ जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं...उनको एक अक्टूबर, 2024 से अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ ट्राई एसएमएस हेडर और कंटेंट टेम्प्लेट के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से नए नियम लेकर आया है, ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके और कुशल दूरसंचार परिद्श्य सुनिश्चित हो सके।
नियामक ने परिचालकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि एक नवंबर से प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक सभी मैसेजों का पता लगाया जा सके।
इनपुट-भाषा
