भारत के ई-वेस्ट में छिपा है 'खजाना', 6 बिलियन डॉलर की हो सकती है कमाई: रिपोर्ट

India e-Waste Opportunity: इस सेक्टर को अनौपचारिक प्लेयर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जो कम अनुपालन लागत और व्यापक संग्रह नेटवर्क का लाभ उठाते हैं। इस बीच, 10-15 प्रतिशत ई-वेस्ट घरों में स्टोर रहता है और 8-10 प्रतिशत लैंडफिल में समाप्त हो जाता है, जिससे रिसाइकलिंग दक्षता कम हो जाती है।

India e-Waste Opportunity: भारत का ई-वेस्ट एक बड़ा आर्थिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। मेटल एक्सट्रैक्शन के जरिए रिकवर किए जाने वाले मटीरियल में 6 बिलियन डॉलर की अनुमानित आर्थिक क्षमता का दावा एक रिपोर्ट कर रही है। शुक्रवार को एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी गई। भारत अब चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ई-वेस्ट उत्पादक है। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि देश का ई-वेस्ट वित्त वर्ष 2014 में 2 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) से दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024 में 3.8 एमएमटी हो गया है, जो शहरीकरण और बढ़ती आय के कारण हुआ है।

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