TCS, Infosys की नेट हायरिंग में दो-तिहाई की भारी गिरावट, साल 2022 के मुकाबले 2023 में घटीं 106123 नौकरियां

TCS and Infosys net hiring drops by two-thirds: देश की दो सबसे बड़ी आईटी कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस की नेट हायरिंग में करीब दो-तिहाई की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

KEY HIGHLIGHTS
  • टॉप-2 आईटी कंपनियों की नेट हायरिंग में भारी गिरावट
  • टीसीएस, इंफोसिस में पिछले साल के मुकाबले काफी कम हायरिंग
  • अमेरिका और यूरोप से मांग में कमी आने का पड़ रहा बुरा असर

TCS and Infosys net hiring drops by two-thirds: पिछले साल की तुलना में वित्त वर्ष 2023 के दौरान टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस द्वारा की जाने वाली हायरिंग (Hiring) में करीब दो-तिहाई की गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि भारत के सबसे बड़े सॉफ्टवेयर निर्यातक (Software Exporter) अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में टेक्नोलॉजी सेवाओं की मांग में कमी का सामना कर रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन भौगोलिक क्षेत्रों में मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियां और भू-राजनीतिक संघर्ष भारतीय आईटी प्रमुखों के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में हायरिंग और भी धीमी होने की उम्मीद है।

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टीसीएस और दूसरे नंबर की इंफोसिस ने मिलकर वित्त वर्ष 2023 में शुद्ध आधार पर कुल 51,819 लोगों को नौकरियां दीं

टीसीएस और इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2023 में सिर्फ 51,819 लोगों को दी नौकरियां

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्केट लीडर टीसीएस और दूसरे नंबर की इंफोसिस ने मिलकर वित्त वर्ष 2023 में शुद्ध आधार पर कुल 51,819 लोगों को नौकरियां दीं, जबकि एक साल पहले दोनों कंपनियों ने मिलकर 1,57,942 कर्मचारियों को काम पर रखा था। यानी वित्त वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में दोनों कंपनियों की हायरिंग में सीधे-सीधे 1,06,123 जॉब्स की कमी आई है। वित्त वर्ष 2023 की अंतिम तिमाही में टीसीएस ने सिर्फ 821 लोगों को नौकरियां दीं, जबकि इंफोसिस ने हेडकाउंट में 3,611 की गिरावट दर्ज की, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता ने टेक्नोलॉजी पर खर्च को कम कर दिया।

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