Tata’s Semiconductor unit in Assam: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि असम में टाटा समूह का सेमीकंडक्टर प्लांट एक दिन में 4.83 करोड़ सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगा। यह प्लांट चालू होने पर 15,000 प्रत्यक्ष और 13,000 तक अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा।
स्वदेशी एडवांस सेमीकंडक्टर पैकेजिंग टेक्नोलॉजी
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर यूनिट स्वदेशी एडवांस सेमीकंडक्टर पैकेजिंग टेक्नोलॉजी के विकास की एक साइट होगी, जिसमें वायर बॉन्ड, फ्लिप चिप और आई-एसआईपी (इंटीग्रेटेड सिस्टम इन पैकेज) तकनीक शामिल हैं। मंत्री के अनुसार, यह तकनीक ऑटोमोबाइल (विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहन), संचार, नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर आदि जैसे प्रमुख एप्लीकेशन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन की ट्रेनिंग
देश भर के 113 शैक्षणिक संस्थानों में से नौ पूर्वोत्तर में स्थित है, जहां बीटेक, एमटेक और पीएचडी स्तर पर लगभग 85,000 इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा एक्ट ईस्ट नीति पर जोर दिया है और इस फैसिलिटी के निर्माण की शुरुआत के साथ, असम में एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि को हासिल किया जा रहा है।"
27,000 करोड़ रुपये का निवेश
सरकार के अनुसार, असम प्लांट 27,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ स्थापित किया जाएगा और इससे 15,000 प्रत्यक्ष और 11,000-13,000 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को एक आधारभूत इंडस्ट्री के रूप में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे उद्योगों में कई स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इनपुट-IANS
