अगर आप Sony का PlayStation 5 (PS5) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब इसके लिए पहले से कहीं ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। Sony ने भारत में PS5 की कीमत में सीधे 15,000 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। इसके बाद PS5 स्टैंडर्ड (Disc Edition) की नई कीमत 69,990 रुपये हो गई है, जबकि पहले यही कंसोल 54,990 रुपये में मिलता था। यानी कंपनी ने इसकी कीमत में करीब 28 फीसदी का इजाफा किया है।
पहले भी कई देशों में बढ़ चुकी हैं कीमतें
Sony की वेबसाइट पर नई कीमत हुई अपडेट
नई कीमत Sony के आधिकारिक ShopAtSC स्टोर पर अपडेट कर दी गई है, हालांकि फिलहाल स्टैंडर्ड PS5 आउट ऑफ स्टॉक दिख रहा है। वहीं PS5 Digital Edition अभी वेबसाइट पर लिस्ट नहीं है, इसलिए उसकी नई कीमत की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
AI की वजह से बढ़ी RAM और स्टोरेज की कीमतें
Sony ने हाल के महीनों में दुनिया के कई देशों में PS5 की कीमतें बढ़ाई हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की बढ़ती मांग बताई जा रही है। AI सर्वर और डेटा सेंटर में RAM और स्टोरेज चिप्स की भारी मांग के कारण इन कंपोनेंट्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसका असर अब गेमिंग हार्डवेयर पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
पहले भी कई देशों में बढ़ चुकी हैं कीमतें
भारत से पहले Sony अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण-पूर्व एशिया और कई अन्य बाजारों में PS5 की कीमत बढ़ा चुकी है। मार्च 2026 में कंपनी ने अमेरिका में PS5 Standard Edition की कीमत बढ़ाकर 649.99 डॉलर और Digital Edition की कीमत 599.99 डॉलर कर दी थी। वहीं अप्रैल में थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और वियतनाम जैसे देशों में भी कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी।
पिछले साल Digital Edition भी हुआ था महंगा
भारत में इससे पहले जुलाई 2025 में PS5 Digital Edition की कीमत 44,990 रुपये से बढ़ाकर 49,990 रुपये कर दी गई थी। उस समय स्टैंडर्ड PS5 की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन अब Disc Edition पर भी बड़ी बढ़ोतरी लागू कर दी गई है।
सिर्फ PS5 नहीं, पूरे गेमिंग मार्केट पर असर
AI की वजह से बढ़ी मेमोरी और स्टोरेज की लागत का असर सिर्फ PS5 तक सीमित नहीं है। पिछले एक साल में गेमिंग PC, ग्राफिक्स कार्ड (GPU), हैंडहेल्ड गेमिंग डिवाइस, Xbox Series S/X और Nintendo Switch 2 जैसे कई प्रोडक्ट्स की कीमतें भी बढ़ चुकी हैं। हाल ही में Valve ने अपना नया Steam Machine लॉन्च करते समय भी साफ कहा था कि उसकी ऊंची कीमत की वजह महंगे हार्डवेयर कंपोनेंट्स हैं।
