Smartphone Charging Tips: आज के समय में स्मार्टफोन (Smartphone) हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। कॉलिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन पेमेंट से लेकर ऑफिस के काम तक हर दूसरा काम फोन से जुड़ा है। ऐसे में फोन की बैटरी का लंबे समय तक अच्छी कंडीशन में रहना बेहद जरूरी है। लेकिन अक्सर लोग फोन की चार्जिंग को लेकर एक गलती करते हैं और यह गलती फोन को 100 प्रतिशत तक चार्ज करना है। दरअसल, स्मार्टफोन यूजर को लगता है कि फोन को 100 प्रतिशत यानी फुल चार्ज करने से इसे ज्यादा से ज्यादा घंटों तक इस्तेमाल किया जा सकेगा। लेकिन क्या फोन को सच में 100 प्रतिशत तक चार्ज करना चाहिए? आखिर अलग-अलग स्मार्टफोन कंपनियां अपने यूजर को 100 प्रतिशत से कम पर चार्जिंग लिमिट फीचर की सुविधा क्यों देती हैं?
Smartphone को कितना प्रतिशत करना चाहिए चार्ज (AI Generated Image)
बैटरी की लाइफ पर पड़ता है असर
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी की ओर से बैटरी हेल्थ के लिए यूजर्स को Battery Protection फीचर की सुविधा दी जाती है। इस फीचर को इनेबल करने के साथ ही चार्जिंग की लिमिट 80 / 85 / 90 / 95% सेट की जा सकती है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि चार्जिंग की लिमिट जितनी कम सेट की जाए, बैटरी लाइफ को उतना ही बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है।
इसी तरह, टेक कंपनी एप्पल का कहना है कि आईफोन में Optimised Battery Charging फीचर बैटरी की लाइफ बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है। कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, चार्ज लिमिट लगाने से iPhone की बैटरी की लाइफ बनाए रखने में मदद मिल सकती है। iPhone के इस्तेमाल की आदतों के आधार पर, बैटरी की लाइफ बनाए रखने में मदद के लिए 95% की चार्ज लिमिट रखने की सिफारिश की जा सकती है।
गूगल की ऑफिशियल वेबसाइट पर पिक्सल फोन यूजर्स के लिए दी गई जानकारी के अनुसार, फोन की चार्जिंग लिमिट को 80 प्रतिशत पर सेट किया जा सकता है। इस सेटिंग के साथ बैटरी को लंबे समय तक अच्छी हेल्थ में रखने में मदद मिलेगी।
क्या फोन को 100% चार्ज करना गलत है?
हालांकि, फोन को कभी-कभार 100% चार्ज करने में कोई परेशानी नहीं है। अगर आपको पूरे दिन फोन इस्तेमाल करना है और ज्यादा बैटरी बैकअप की जरूरत है तो 100% तक चार्ज करना बिल्कुल ठीक है। समस्या तब हो सकती है जब फोन की बैटरी को लंबे समय तक लगातार 100% के आसपास रखा जाए। दरअसल, बैटरी की क्षमता समय और चार्ज साइकल के साथ धीरे-धीरे कम होती है। ऐसे में भविष्य में फोन की बैटरी जल्दी डेड होने की परेशानी कितनी जल्दी आती है यह पूरी तरह फोन को इस्तेमाल करने और इससे जुड़ी चार्जिंग हैबिट पर निर्भर करता है।
