2023 की शुरुआत में हमने कई साइबर खतरों का सामना किया है। एपल यूजर्स के लिए खतरनाक मैलवेयर एटॉमिक मैकओएस स्टीलर (AMOS) अटैक हो या हाल ही का DeepFake हो। नई टेक्नोलॉजी के साथ साइबर सुरक्षा के लिए खतरा भी बढ़ता जा रहा है। रिसर्चर ने अब डीपफेक की तरह ही नए खतरे ClearFake के लिए अलर्ट किया है, जो विंडोज और मैक यूजर्स को निशाना बना सकता है। यूजर्स को ब्राउजर अपडेट करते समय सावधान रहने के लिए कहा गया है।
ClearFake Alert
विंडोज और मैक यूजर्स हैं निशाना
एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि साइबर हैकर्स अब क्लियर फेक के रूप में ट्रैक किए गए नकली ब्राउजर अपडेट सीरीज के माध्यम से विंडोज और मैक यूजर्स को निशाना बना रहे हैं। साइबर हैकर्स AMOS मैलवेयर इंस्टॉल कर रहे हैं, जो संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मैलवेयर iCloud कीचेन पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड की जानकारी, क्रिप्टो वॉलेट और विभिन्न फाइलों तक एक्सेस कर सकता है।
क्या है ClearFake और क्यों है खतरनाक
साइबर अलर्ट अलार्म सिस्टम कंपनी मालवेयरबाइट्स के अनुसार, साइबर हमलावर मैक यूजर्स को AMOS से इंफेक्टेड करने के लिए क्लियर फेक तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं। क्लियर फेस को सबसे पहले विंडोज हमलों में देखा गया था। यह फर्जी वेबसाइट्स के माध्यम से नकली सफारी और क्रोम ब्राउजर अपडेट से डिवाइस में अपनी जगह बना लेता है। इसके बाद हैकर्स अपनी पहुंच बढ़ाते हैं और यूजर्स के लॉगिन क्रेडेंशियल और संवेदनशील फाइल्स पर कब्जा जमा लेते हैं।
ऐसे रहें सुरक्षित
- अविश्वसनीय या अज्ञात सोर्स से सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने से बचें। सफारी को सीधे अपने मैक की सिस्टम सेटिंग्स से या क्रोम को सीधे गूगल क्रोम ऐप से अपडेट करें।
- MacOS गेटकीपर सिक्योरिटी को बायपास करने के लिए अलर्ट मिलने पर सावधानी बरतें। यदि कोई एप्लिकेशन आपसे इन सिक्योरिटी को बायपास करने की रिक्वेस्ट करता है, तो पहले सावधानी से उसकी जांच करें और सब ठीक होने पर ही आगे बढ़ाएं।
- मैक ऐप स्टोर के बाहर किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले सोर्स की वैलिडिटी की जांच करें।
- ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें। सिस्टम अपडेट करने से डिवाइस की सिक्योरिटी बढ़ती है और आप साइबर हमलों से सुरक्षित रहते हैं।
