India AI Impact Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महाकुंभ AI Impact Summit 2026 का प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार शाम को उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के बाद उन्होंने अलग-अलग स्टार्टअप के स्टाल्स विजिट किए। इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी ने जियो एआई स्टैक, जियो संस्कृति एआई, जियो आरोग्य एआई, जियो शिक्षा, और जियो एआई होम के लाइव डेमोंस्ट्रेशन देखे।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के चेयरमैन आकाश अंबानी ने प्रधानमंत्री को जियो के व्यापक एआई प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी।
ये सभी प्लेटफॉर्म अलग-अलग कामों के लिए बनाए गए हैं। इनका मकसद कारोबार को स्मार्ट बनाना, भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और एआई की मदद से स्मार्ट जीवन को आसान बनाना है।
Reliance Jio Infocomm Limited के चेयरमैन Akash Ambani ने प्रधानमंत्री मोदी को जियो के बड़े एआई सिस्टम के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि यह एआई सिस्टम अलग-अलग क्षेत्रों में डिजिटल बदलाव को तेज करने में कैसे मदद कर रहा है।
जियो ने “सभी के लिए एआई” की अपनी सोच को फिर से दोहराया। कंपनी ने कहा कि वह नई और उन्नत तकनीक को बड़े स्तर पर आम लोगों के लिए आसान और सबके लिए उपलब्ध बनाना चाहती है। Reliance Industries के चेयरमैन Mukesh Ambani पहले भी कह चुके हैं कि तकनीक की असली ताकत तब है, जब उसका फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों को बराबरी से मिले।
सबसे बड़ी प्रमुखता सबके लिए टेक्नोलॉजी को आसान बनाना
जियो ने “सभी के लिए एआई” की अपनी सोच को फिर से दोहराया। कंपनी ने कहा कि वह नई और आधुनिक तकनीक को बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाने और सबके लिए आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। Reliance Industries के चेयरमैन Mukesh Ambani ने पहले भी कहा है कि तकनीक की असली कीमत तब होती है, जब उसका फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों को बराबरी से मिल सके।
एआई के क्षेत्र में बढ़ रही है भारत की भूमिका
भारत एआई इम्पैक्ट समिट में भारत और दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां, नए आविष्कार करने वाले लोग और नीति बनाने वाले लोग एक साथ आए। इसका मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर चर्चा करना है। प्रधानमंत्री का जियो पवेलियन जाना यह दिखाता है कि भारत का निजी क्षेत्र अब देश में एआई के विकास और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।
