सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Pinterest के CEO बिल रेडी (Bill Ready) ने दुनियाभर की सरकारों से बड़ा कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि 16 साल से कम उम्र के किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा प्लेटफॉर्म्स उनके मानसिक स्वास्थ्य और विकास को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
Bill Ready/Photo-X.com
मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है असर
एक लेख में बिल ने कहा कि आज के युवा “इतिहास के सबसे बड़े सोशल एक्सपेरिमेंट” से गुजर रहे हैं। बिना किसी फिल्टर के सोशल मीडिया एक्सेस के कारण किशोरों में चिंता, डिप्रेशन और ध्यान की समस्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सख्त कानून बनाने की जरूरत
बिल रेडी का मानना है कि केवल टेक कंपनियों पर भरोसा करना काफी नहीं है। उन्होंने सरकारों से स्पष्ट और सख्त नियम बनाने की अपील की है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध शामिल हो। उन्होंने यह भी कहा कि इन नियमों को लागू करने के लिए मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम और ऐप्स दोनों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण दिया
ऑस्ट्रेलिया का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वहां पहले ही नाबालिगों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती की जा रही है। उनके मुताबिक, टेक इंडस्ट्री को इस मुद्दे को सुधारने के लिए काफी समय मिला, लेकिन बार-बार असफल रहने के कारण अब सरकारी हस्तक्षेप जरूरी हो गया है। उन्होंने इसकी तुलना तंबाकू और शराब पर लगाए गए नियमों से भी की।
AI से बढ़ सकता है खतरा
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सोशल मीडिया में शामिल हो रहे AI चैटबॉट्स किशोरों के लिए और जोखिम बढ़ा सकते हैं। ये तकनीक उनके व्यवहार और भावनाओं को प्रभावित कर सकती है, खासकर उस उम्र में जब उनका मानसिक विकास जारी होता है।
टेक कंपनियों से अलग रुख
Pinterest का यह रुख अन्य बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों से अलग है, जो पूरी तरह बैन के बजाय पैरेंटल कंट्रोल और एज वेरिफिकेशन सिस्टम को बेहतर विकल्प मानती हैं, हालांकि रेडी का कहना है कि अगर इंडस्ट्री ने अब भी बदलाव नहीं किया, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे।
कई देशों में बन रहे नए नियम
ऑस्ट्रेलिया के अलावा फ्रांस, स्पेन, इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे देश भी नाबालिगों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त नियम बनाने या लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
