आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में असली और AI से बनाई गई तस्वीर के बीच अंतर करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी समस्या से निपटने के लिए Apple एक नए Photo Authentication फीचर पर काम कर सकता है। iOS 27 के लेटेस्ट बीटा वर्जन की जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि कंपनी iPhone से क्लिक की गई तस्वीर की असलियत और उसके सोर्स को वेरिफाई करने वाला फीचर तैयार कर रही है।
iPhone कैमरे में ऑन करना होगा Reference Mode/Photo-AI
'Reference Image' से होगी फोटो की जांच
9to5Mac की रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 27 बीटा में Apple Reference Image नाम के एक टूल के संकेत मिले हैं। यह फीचर यह पुष्टि करने में मदद कर सकता है कि कोई तस्वीर वास्तव में iPhone के कैमरे से ली गई है या नहीं। इसके लिए तस्वीर की सेंसर जानकारी और मेटाडेटा को Private Cloud Compute के जरिए वेरिफिकेशन के लिए भेजा जा सकता है। इससे तस्वीर के सोर्स की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।
iPhone कैमरे में ऑन करना होगा Reference Mode
रिपोर्ट के अनुसार, इस ऑथेंटिकेशन फीचर का इस्तेमाल करने के लिए iPhone के कैमरा ऐप में एक नया Reference Mode सक्षम करना पड़ सकता है। इसके बाद कैमरे से ली गई तस्वीर के लिए ऑथेंटिकेशन विकल्प उपलब्ध हो सकता है, हालांकि यह फीचर अभी iOS 27 के बीटा टेस्टिंग चरण में है। इसलिए Apple के पब्लिक रिलीज से पहले इसके काम करने के तरीके में बदलाव हो सकता है।
AI तस्वीरों की पहचान में मिलेगी मदद
AI टूल्स के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच तस्वीरों की असलियत जांचना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। फिलहाल कई कंपनियां AI से तैयार तस्वीरों की पहचान के लिए डिजिटल वॉटरमार्किंग का इस्तेमाल कर रही हैं।
Apple भी अपने Image Playground और दूसरे AI इमेज एडिटिंग टूल्स में इस तरह के वॉटरमार्क से जुड़े तरीकों पर काम कर रहा है। वहीं Google अपने SynthID प्रोग्राम के जरिए AI से तैयार कंटेंट में डिजिटल वॉटरमार्क जोड़ रहा है।
मेटाडेटा से अलग हो सकता है Apple का तरीका
Apple का Reference Image फीचर AI तस्वीरों पर वॉटरमार्क लगाने के बजाय कंटेंट की प्रोवेनेंस यानी तस्वीर कहां और कैसे तैयार हुई, इसकी पुष्टि करने का एक अलग तरीका हो सकता है। अगर यह फीचर लॉन्च होता है, तो यूजर्स के लिए यह समझना आसान हो सकता है कि कोई तस्वीर वास्तव में iPhone कैमरे से ली गई है या नहीं।
