OpenAI के सिस्टम की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर सिक्योरिटी रिसर्च फर्म Hacktron AI के तीन भारतीय मूल के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्होंने Anthropic के Claude AI मॉडल की मदद से OpenAI के कर्मचारियों के ChatGPT अकाउंट्स तक पहुंच बनाई। इसके बाद OpenAI के आंतरिक सॉफ्टवेयर रिपॉजिटरी तक संभावित पहुंच का पता चला।
दो सुरक्षा खामियों को जोड़कर किया गया अटैक
शोधकर्ताओं ने 25 जुलाई 2026 को दो गंभीर सुरक्षा खामियों को जोड़कर यह परीक्षण किया था। उन्होंने मामले की जानकारी OpenAI को दी, जिसके बाद कंपनी ने खामियों को ठीक किया और Hacktron को 6,500 डॉलर यानी करीब 6.2 लाख रुपये का बग बाउंटी इनाम दिया।
तीन भारतीय मूल के शोधकर्ताओं ने किया सिक्योरिटी टेस्ट
Hacktron की टीम का नेतृत्व हर्ष जायसवाल, मोहन पेडापति और राहुल मैनी ने किया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, उन्होंने OpenAI के कम्युनिटी फोरम में मौजूद सुरक्षा खामियों की जांच की। यह फोरम Discourse प्लेटफॉर्म पर चलता है।
टीम ने दावा किया कि Discourse के इमेज अपलोड सिस्टम में HEIC और HEIF फाइलों को प्रोसेस करने का तरीका सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहा था। इस खामी को OpenAI की सिंगल साइन-ऑन (SSO) व्यवस्था से जुड़ी समस्या के साथ जोड़कर कर्मचारियों के ChatGPT और Codex अकाउंट्स तक पहुंच बनाई जा सकी।
Claude AI ने तैयार किया एक्सप्लॉइट
शोधकर्ताओं के अनुसार, Anthropic के Claude Opus मॉडल का इस्तेमाल एक्सप्लॉइट तैयार करने में किया गया। टीम ने पहले अपने नियंत्रित Discourse Cloud सर्वर पर Claude को एक ऑटोनॉमस गोल लूप में चलाया। इसके बाद AI एजेंट ने एक्सप्लॉइट स्क्रिप्ट तैयार करने में मदद की, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा परीक्षण के दौरान किया गया।
Hacktron के दावे के मुताबिक, Claude Opus 5 ने स्थानीय स्तर पर एक्सप्लॉइट तैयार करने में मदद की और बाद में उसे Discourse के वातावरण के अनुरूप ढाला गया। इस घटना से यह सवाल उठता है कि AI एजेंट साइबर सिक्योरिटी रिसर्च को तेज करने के साथ-साथ जटिल हमलों की क्षमता को भी कितना आसान बना सकते हैं।
OpenAI के आंतरिक रिपॉजिटरी तक पहुंच का दावा
Hacktron ने बताया कि सुरक्षा खामियों की खोज से लेकर OpenAI के आंतरिक रिपॉजिटरी तक पहुंच का प्रदर्शन करने में 72 घंटे से कम समय लगा। शोधकर्ताओं ने एक कर्मचारी के Codex अकाउंट का इस्तेमाल करके OpenAI के इंटरनल मोनोरिपॉजिटरी में एक प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट पुल रिक्वेस्ट बनाई। टीम का कहना है कि उन्होंने संवेदनशील कोड या डेटा को जानबूझकर डाउनलोड नहीं किया। इस पुल रिक्वेस्ट का उद्देश्य यह दिखाना था कि समझौता किए गए अकाउंट के जरिए आंतरिक रिपॉजिटरी तक पहुंच संभव थी।
दो सुरक्षा खामियों को जोड़कर किया गया अटैक
रिसर्चर्स के मुताबिक, इस मामले में दो अलग-अलग सुरक्षा समस्याओं को एक साथ इस्तेमाल किया गया। पहली खामी Discourse के इमेज प्रोसेसिंग सिस्टम में थी, जहां HEIC/HEIF फाइलों के जरिए रिमोट कोड एग्जीक्यूशन का जोखिम पैदा हुआ। दूसरी समस्या OpenAI की SSO व्यवस्था में थी।
इन दोनों खामियों को जोड़ने के बाद हमलावर फोरम से आगे बढ़कर कर्मचारियों के ChatGPT और Codex अकाउंट्स तक पहुंच बना सकते थे। इन अकाउंट्स से GitHub जैसे अन्य कनेक्टेड सिस्टम तक पहुंच की संभावनाएं भी सामने आईं।
OpenAI ने खामियां ठीक कर दीं
Hacktron ने अपनी खोज की जानकारी OpenAI को दी। रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI ने शुरुआती रिपोर्ट मिलने के करीब 14 घंटे के भीतर अपने हिस्से की समस्या को ठीक कर दिया। Discourse को भी इमेज प्रोसेसिंग से जुड़ी खामी की जानकारी दी गई, जिसके बाद प्लेटफॉर्म पर पैच और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए।
OpenAI ने बाद में Hacktron को 6,500 डॉलर का बग बाउंटी दिया। कंपनी के अनुसार, यह इनाम OpenAI की अपनी SSO संबंधी खामी की रिपोर्ट के लिए था। Discourse पर किए गए परीक्षण को OpenAI के बग बाउंटी प्रोग्राम के दायरे से बाहर बताया गया था।
