TRAI On Spam Calls: दूरसंचार नियामक ट्राई ने फर्जी (स्पैम) कॉल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। ट्राई ने शुक्रवार (9 अगस्त) को कहा कि दूरसंचार कंपनियां उन संस्थाओं के दूरसंचार संसाधनों को बंद कर देंगी, जो फर्जी कॉल करने के लिए थोक कनेक्शन का दुरुपयोग करेंगी। ट्राई ने यह भी कहा कि ऐसी कंपनियों को सभी परिचालक दो साल तक के लिए ब्लैक लिस्ट में डालेंगे।
Spam Calls (image-istock)
फर्जी कॉल पर होगी सख्त कार्रवाई
नियामक ने गलत प्रैक्टिस का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को एक कड़ा संदेश भेजते हुए कहा कि वॉयस कॉल/ रोबो कॉल/ प्री-रिकॉर्डेड कॉल के लिए 'पीआरआई/ एसआईपी कनेक्शन' का इस्तेमाल करने वालों पर बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
स्पैन कॉल पर नियमों को मजबूत करेगा TRAI
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने एक दिन पहले यह कहा था कि नियामक फर्जी कॉल को रोकने के लिए नियमों की समीक्षा करेगा और उन्हें मजबूत करेगा। ट्राई ने सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के विनियामक अधिकारियों के साथ एक बैठक की।
जियो-एयरटेल और ये कंपनियां हुईं बैठक में शामिल
ट्राई प्रमुख की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एयरटेल, बीएसएनएल, क्वाड्रेंट टेलीवेंचर्स लिमिटेड (क्यूटीएल), रिलायंस जियो, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड और वी-कॉन मोबाइल एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य विनियामक अधिकारियों ने भाग लिया। एमटीएनएल और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के प्रतिनिधि बैठक में शामिल नहीं हो सके।
नियमों के दुरुपयोग पर ब्लैक लिस्ट होगी कंपनी
ट्राई ने एक बयान में कहा कि विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि अगर कोई यूनिट फर्जी कॉल करने के लिए अपनी एसआईपी/ पीआरआई (सेशन इनिशिएशन प्रोटोकॉल/ प्राइमरी रेट इंटरफेस) लाइनों का दुरुपयोग करती है, तो यूनिट के सभी दूरसंचार संसाधनों को उसके दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) द्वारा बंद कर दिया जाएगा और इकाई को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
इनपुट-भाषा
